आज के समय में खेती करना पहले जैसा आसान नहीं रह गया है। मौसम की मार, मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लेकिन अब तकनीक के जमाने में कुछ ऐसे साधन आ गए हैं जो खेती को फिर से फायदेमंद बना सकते हैं। उन्हीं में से एक है ड्रोन यानी कृषि यंत्र जो आसमान से खेतों की देखभाल करता है।
मैं जब पहली बार अपने गाँव में ड्रोन को खेत में काम करते देखा तो सच में हैरान रह गया। सोचा कि ये तो सिर्फ शहरों में फोटो खींचने के काम आता होगा, लेकिन नहीं! ये तो किसानों का सच्चा साथी बन गया है। और सबसे अच्छी बात ये है कि सरकार अब इसे खरीदने के लिए किसानों को मदद दे रही है।
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Drone Subsidy Scheme क्या है?
drone subsidy for agriculture 2026 india एक सरकारी योजना है जिसके तहत किसानों को खेती में इस्तेमाल होने वाले ड्रोन खरीदने पर आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को खेती से जोड़ना है ताकि किसानों की आमदनी बढ़ सके और खेती में लगने वाला समय और मेहनत कम हो सके।
कृषि मंत्रालय ने इस योजना को कई चरणों में लागू किया है। शुरुआत में केवल कुछ राज्यों में ये योजना चलाई गई थी, लेकिन अब धीरे-धीरे पूरे देश में इसका विस्तार हो रहा है। 2026 में इस योजना को और भी मजबूत बनाया जा रहा है।
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Subsidy की रकम कितनी मिलती है?
अलग-अलग किसानों के लिए अलग-अलग छूट का प्रावधान है:
छोटे और सीमांत किसानों के लिए: ड्रोन की कुल कीमत पर 50% तक की छूट मिल सकती है। अधिकतम राशि 5 लakh रुपये तक हो सकती है।
महिला किसानों के लिए: महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें भी 50% तक की सब्सिडी दी जाती है।
किसान उत्पादक संगठनों के लिए: अगर कोई किसान समूह मिलकर ड्रोन खरीदता है तो उन्हें 75% तक की छूट मिल सकती है।
सामान्य किसानों के लिए: बाकी सभी किसानों को 40% तक की सब्सिडी का लाभ मिलता है।
मुझे याद है जब मेरे चचेरे भाई ने पहली बार इस योजना के बारे में सुना तो उसे विश्वास ही नहीं हुआ। उसने कहा कि इतनी महंगी चीज पर इतनी छूट कैसे मिल सकती है? लेकिन जब उसने खुद आवेदन किया और सब्सिडी मिली तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
Agricultural Drone के फायदे
खेती में ड्रोन का इस्तेमाल करने से किसानों को कई तरह के लाभ मिलते हैं:
दवाई छिड़कने में आसानी: पहले खेत में कीटनाशक छिड़कने के लिए मजदूरों की जरूरत पड़ती थी या फिर खुद ही पीठ पर स्प्रे लेकर घंटों मेहनत करनी पड़ती थी। अब ड्रोन से 1 एकड़ खेत में सिर्फ 10-15 मिनट में दवाई छिड़की जा सकती है। ये न सिर्फ समय बचाता है बल्कि दवाई का बेहतर इस्तेमाल भी करता है।
खाद का सही वितरण: ड्रोन की मदद से खेत में खाद को बराबर मात्रा में फैलाया जा सकता है। इससे फसल को पोषण समान रूप से मिलता है और उत्पादन बढ़ता है।
फसल की निगरानी: ड्रोन में लगे कैमरे से पूरे खेत की तस्वीरें ली जा सकती हैं। इससे पता चल जाता है कि खेत के किस हिस्से में पानी की कमी है या कहाँ कीड़े लग रहे हैं। समय रहते समस्या का पता चल जाने से नुकसान कम होता है।
मेहनत और खर्च की बचत: पारंपरिक तरीके से दवाई छिड़कने में मजदूरों पर काफी खर्च आता है। ड्रोन एक बार खरीदने के बाद सालों साल काम करता है और खर्च बहुत कम हो जाता है।
बीज की बुवाई: कुछ आधुनिक ड्रोन में बीज बोने की सुविधा भी होती है। खासकर पहाड़ी इलाकों या जहाँ जाना मुश्किल हो वहाँ ये बहुत काम आता है।
मेरे एक मित्र के पिताजी के पास 15 एकड़ जमीन है। पहले वो दवाई छिड़कने के लिए 8-10 मजदूर रखते थे और पूरे दिन का समय लगता था। अब ड्रोन से वो काम 2 घंटे में हो जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल उनकी उपज में 20% की बढ़ोतरी हुई है।
Drone Subsidy के लिए कौन पात्र है?
drone subsidy for agriculture 2026 india योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें हैं:
भारतीय नागरिक: आवेदक भारत का निवासी होना चाहिए।
किसान प्रमाण पत्र: आपके पास खेती की जमीन के कागजात होने चाहिए। या फिर आप किसान उत्पादक संगठन का सदस्य हों।
आयु सीमा: आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
बैंक खाता: आधार कार्ड से जुड़ा बैंक खाता होना अनिवार्य है क्योंकि सब्सिडी की राशि सीधे खाते में भेजी जाती है।
प्रशिक्षण: कुछ राज्यों में ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण लेना जरूरी है। सरकार इसके लिए मुफ्त या कम फीस में प्रशिक्षण देती है।
पहले लाभ न लिया हो: अगर आपने पहले से इसी तरह की किसी योजना में ड्रोन खरीदने के लिए छूट ली है तो आप दोबारा आवेदन नहीं कर सकते।
Application Process: कैसे करें आवेदन?
drone subsidy for agriculture 2026 india के लिए आवेदन करना बहुत आसान है। मैं यहाँ पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से बता रहा हूँ:
Step 1: Official Portal पर जाएं
सबसे पहले कृषि मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट या अपने राज्य की कृषि विभाग की साइट पर जाएं। कुछ राज्यों में ये योजना राज्य स्तर पर चलाई जा रही है तो कुछ में केंद्र सरकार सीधे लागू कर रही है।
Step 2: Registration करें
वेबसाइट पर नया उपयोगकर्ता बनाने का विकल्प मिलेगा। अपना मोबाइल नंबर और आधार नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन करें। आपके मोबाइल पर OTP आएगा जिसे डालकर आगे बढ़ें।
Step 3: Form भरें
अब आपके सामने आवेदन फॉर्म खुलेगा। इसमें अपनी सभी जानकारी सही-सही भरें:
- नाम और पिता का नाम
- पूरा पता
- जमीन का विवरण
- बैंक खाते की जानकारी
- जिस ड्रोन को खरीदना चाहते हैं उसका मॉडल
Step 4: Documents Upload करें
जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करने होंगे:
- आधार कार्ड
- भूमि के कागजात
- बैंक पासबुक की कॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (अगर लागू हो)
- किसान प्रमाण पत्र
Step 5: Submit करें
सब कुछ भरने के बाद एक बार जांच लें कि कोई गलती तो नहीं है। फिर फॉर्म सबमिट कर दें। आपको एक application number मिलेगा जिसे संभाल कर रखें।
Step 6: Verification
आवेदन जमा करने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी आपके दस्तावेजों की जांच करेंगे। कुछ मामलों में वो खेत का निरीक्षण भी कर सकते हैं।
Step 7: Approval और Payment
अगर सब कुछ सही पाया जाता है तो आपका आवेदन मंजूर हो जाता है। फिर आपको approved supplier से ड्रोन खरीदना होगा। पूरी रकम आपको देनी होगी और बाद में सब्सिडी की राशि आपके खाते में आ जाएगी।
मुझे याद है जब मैंने अपने दोस्त की मदद से ये आवेदन भरा था तो पूरी प्रक्रिया में करीब 30 मिनट लगे थे। और 45 दिन में स्वीकृति का संदेश आ गया था।
कौन से Drone खरीद सकते हैं?
सरकार ने कुछ approved brands और models की सूची बनाई है। सिर्फ उन्हीं ड्रोन पर सब्सिडी मिलती है। इनमें शामिल हैं:
Garuda Aerospace: भारतीय कंपनी जो कृषि ड्रोन बनाती है। इनके ड्रोन की कीमत 4 lakh से 8 lakh रुपये के बीच है।
BonV Aero: ये भी देसी निर्माता है। इनके ड्रोन में दवाई छिड़कने की क्षमता 10 लीटर से 16 लीटर तक है।
Aarav Unmanned Systems: आधुनिक तकनीक वाले ड्रोन बनाते हैं जिनमें GPS और sensor लगे होते हैं।
Marut Drones: ये कंपनी खास तौर पर किसानों के लिए सस्ते और टिकाऊ ड्रोन बनाती है।
सभी approved ड्रोन में कम से कम 10 लीटर दवाई की क्षमता होनी चाहिए और एक घंटे में कम से कम 7-8 एकड़ खेत में छिड़काव कर सकें।
Training और Support
जब आप ड्रोन खरीद लेते हैं तो सरकार और निर्माता कंपनियां मिलकर आपको प्रशिक्षण देती हैं। ये प्रशिक्षण 3-5 दिन का होता है जिसमें सिखाया जाता है:
- ड्रोन को कैसे उड़ाएं और लैंड कराएं
- दवाई कैसे भरें और छिड़कें
- बैटरी की देखभाल कैसे करें
- खराबी होने पर क्या करें
- सुरक्षा के नियम क्या हैं
कई जगहों पर Krishi Vigyan Kendra भी ये प्रशिक्षण देते हैं। मेरे गाँव में पिछले महीने ही 25 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। सबसे अच्छी बात ये थी कि प्रशिक्षण हिंदी और स्थानीय भाषा में था तो सबको आसानी से समझ आ गया।
Common Problems और Solutions
कुछ किसानों को शुरुआत में परेशानियों का सामना करना पड़ता है:
समस्या: बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है। समाधान: अतिरिक्त बैटरी खरीदें। ज्यादातर ड्रोन में 2 बैटरी आती हैं जो 30-40 मिनट तक चलती हैं।
समस्या: मौसम खराब होने पर ड्रोन नहीं उड़ा सकते। समाधान: तेज हवा या बारिश में ड्रोन न उड़ाएं। सुबह या शाम का समय सबसे अच्छा होता है।
समस्या: मरम्मत और maintenance महंगा है। समाधान: सरकारी योजना में कुछ राज्यों में मरम्मत के लिए भी छूट दी जा रही है। साथ ही निर्माता कंपनियां 2-3 साल की वारंटी देती हैं।
Future Prospects
drone subsidy for agriculture 2026 india योजना आने वाले समय में और भी विस्तृत होगी। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 5 साल में कम से कम 5 lakh किसानों तक ड्रोन पहुंचे। इसके लिए और भी ज्यादा बजट का प्रावधान किया जा रहा है।
तकनीक भी लगातार बेहतर हो रही है। अब ऐसे ड्रोन आ रहे हैं जो खुद ही फसल की बीमारी पहचान लेते हैं और जरूरत के हिसाब से दवाई छिड़कते हैं। कुछ सालों में ड्रोन की कीमत भी कम होगी और छोटे किसान भी आसानी से खरीद पाएंगे।
मुझे पूरा विश्वास है कि ये तकनीक भारतीय खेती में क्रांति ला देगी। जिस तरह मोबाइल फोन ने हमारी जिंदगी बदल दी, उसी तरह ड्रोन खेती को बदल देगा।
निष्कर्ष
drone subsidy for agriculture 2026 india एक शानदार अवसर है हर उस किसान के लिए जो अपनी खेती को आधुनिक बनाना चाहता है। सरकार की ये पहल सराहनीय है क्योंकि इससे न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि देश की कृषि उत्पादकता भी बढ़ेगी।
अगर आप किसान हैं और सोच रहे हैं कि आवेदन करें या नहीं, तो मेरी सलाह है जरूर करें। हाँ, शुरुआत में थोड़ा डर लग सकता है कि नई तकनीक को अपनाएं या नहीं, लेकिन एक बार प्रयास करके देखिए। ड्रोन सिर्फ एक मशीन नहीं है, ये आपकी खेती का भरोसेमंद साथी बन सकता है।
तो देर किस बात की? आज ही अपने नजदीकी कृषि कार्यालय में जाएं या ऑनलाइन आवेदन करें। अपने खेत को आसमान से देखिए और खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जाइए। आपकी मेहनत और सरकार की मदद मिलकर जरूर कामयाबी दिलाएगी।
खेती करना गर्व की बात है और अब इसे तकनीक के साथ मिलाकर और भी शानदार बनाया जा सकता है। शुभकामनाएं!



