Paddy Crop Insurance Claim Process 2026 India: धान की फसल का बीमा क्लेम कैसे करें – पूरी जानकारी

दोस्तों, मैं आपसे एक बात साझा करना चाहता हूं। पिछले साल मेरे चाचा की पूरी धान की फसल बारिश में बर्बाद हो गई थी। उन्होंने 6 महीने मेहनत की थी, लाखों रुपए खर्च किए थे, और एक रात की तेज बारिश ने सब कुछ तबाह कर दिया। उनकी आंखों में आंसू देखकर मेरा दिल दहल गया। लेकिन अच्छी बात यह थी कि उन्होंने फसल बीमा करवाया हुआ था। आज मैं आपको बताऊंगा कि paddy crop insurance claim process 2026 india क्या है और कैसे आप भी अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकते हैं।

CopyPublishPaddy Crop Insurance Claim Process 2026 India: धान की फसल का बीमा क्लेम कैसे करें - पूरी जानकारी

Paddy Crop Insurance क्या है और क्यों जरूरी है?

खेती करना जुआ खेलने जैसा है – कभी बारिश नहीं होती, कभी ज्यादा हो जाती है। कभी कीड़े लग जाते हैं तो कभी ओले गिर जाते हैं। हम किसान कितना भी मेहनत करें, प्रकृति हमारे हाथ में तो है नहीं।

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धान की खेती में तो और भी ज्यादा जोखिम है। पानी की जरूरत बहुत होती है, लेकिन ज्यादा पानी भी नुकसान कर देता है। मौसम थोड़ा बदला नहीं कि पूरी फसल खतरे में आ जाती है।

इसीलिए सरकार ने Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) शुरू की है। यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाती है। आप बहुत कम प्रीमियम देकर अपनी पूरी फसल का बीमा करवा सकते हैं।

मुझे याद है जब मेरे पिताजी ने पहली बार बीमा के बारे में सुना था, तो उन्होंने कहा था – “यह सब शहरी लोगों के चक्कर हैं, हमारे काम के नहीं।” लेकिन जब पड़ोस के राजू काका को 85000 रुपए का मुआवजा मिला, तब उन्हें यकीन हुआ कि यह काम की चीज है।

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बीमा से क्या-क्या कवर होता है?

देखिए, paddy crop insurance claim process 2026 india के तहत बहुत सारी चीजें कवर होती हैं:

प्राकृतिक आपदाएं – बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, चक्रवात, तूफान, बेमौसम बारिश। यह सब इसमें शामिल हैं।

कीट और रोग – अगर आपकी फसल में कीड़े लग गए या कोई बीमारी फैल गई, तो इसका भी मुआवजा मिलता है।

बुवाई में रुकावट – अगर बारिश न होने से आप बीज ही नहीं बो पाए, तो उसका भी क्लेम मिल सकता है।

कटाई के बाद नुकसान – फसल काट ली और खेत में सुखाने के लिए रखी है, उस समय अगर बारिश या आंधी से नुकसान हो तो 14 दिन तक इसका कवरेज मिलता है।

स्थानीय आपदा – ओले, भूस्खलन, बादल फटना जैसी स्थानीय घटनाओं से नुकसान भी कवर होता है।

कौन-कौन से किसान पात्र हैं?

अब सवाल यह है कि paddy crop insurance claim process 2026 india का फायदा कौन उठा सकता है। चलिए विस्तार से समझते हैं:

पात्रता की शर्तें

किसान की श्रेणी – छोटे किसान हो, बड़े हो, बटाईदार हो या किराए पर खेती करते हो – सब आवेदन कर सकते हैं। हां, किराए वाले किसानों को एक करार पत्र की जरूरत होती है।

जमीन का प्रकार – अपनी जमीन हो या किराए की, दोनों में बीमा हो सकता है। बस सही कागजात होने चाहिए।

फसल की बुवाई – आपने जिस मौसम के लिए बीमा लिया है, उसी मौसम में धान की बुवाई होनी चाहिए। खरीफ सीजन के लिए जून-जुलाई में बुवाई जरूरी है।

प्रीमियम भुगतान – समय पर प्रीमियम जमा करना बेहद जरूरी है। देर से भरने पर बीमा रद्द हो सकता है।

लोन लेने वाले किसान – अगर आपने बैंक या सहकारी समिति से खेती के लिए लोन लिया है, तो फसल बीमा करवाना अनिवार्य है। बैंक खुद ही आपके लोन से प्रीमियम काट लेता है।

गैर-ऋणी किसान – जिन्होंने लोन नहीं लिया है, वे भी स्वेच्छा से बीमा करवा सकते हैं। यह बिल्कुल आपकी मर्जी है।

मेरे एक दोस्त ने सोचा था कि छोटी जोत होने से उसे बीमा नहीं मिलेगा। लेकिन जब उसने पता किया तो पाया कि सिर्फ 1 एकड़ में भी बीमा हो सकता है। वह बहुत खुश हुआ।

बीमा करवाने की प्रक्रिया

पहले बीमा कैसे करवाएं, यह समझ लेते हैं। फिर paddy crop insurance claim process 2026 india के बारे में बात करेंगे।

कैसे बीमा करवाएं?

बैंक के माध्यम से – अगर आपने कृषि लोन लिया है तो बैंक अपने आप आपका बीमा कर देता है। आपको कुछ करने की जरूरत नहीं।

ऑनलाइन पोर्टल – pmfby.gov.in वेबसाइट पर जाकर खुद रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। मोबाइल से भी हो जाता है।

CSC सेंटर – अपने गांव के कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर बीमा करवा सकते हैं। वहां के संचालक पूरी मदद करते हैं।

बीमा कंपनी एजेंट – आपके जिले में जो भी बीमा कंपनी काम कर रही है, उसके एजेंट से संपर्क कर सकते हैं।

प्रीमियम कितना देना होता है?

यह सबसे अच्छी बात है। धान जैसी खरीफ फसलों के लिए किसान को सिर्फ 2% प्रीमियम देना होता है। मतलब अगर आपकी फसल का बीमित मूल्य 50000 रुपए है, तो आपको सिर्फ 1000 रुपए प्रीमियम देना होगा। बाकी का सारा प्रीमियम सरकार भरती है।

छोटे और सीमांत किसानों को अतिरिक्त छूट भी मिलती है कुछ राज्यों में।

Paddy Crop Insurance Claim Process 2026 India – पूरी जानकारी

अब आते हैं मुख्य मुद्दे पर। अगर आपकी फसल को नुकसान हो गया है तो क्लेम कैसे करें?

नुकसान होने के तुरंत बाद क्या करें?

सबसे पहली और सबसे जरूरी बात – 72 घंटे के अंदर सूचना देनी है। जी हां, यह बहुत जरूरी है। अगर आपने 3 दिन के अंदर जानकारी नहीं दी तो क्लेम में दिक्कत आ सकती है।

कहां सूचना दें?

  • टोल फ्री नंबर 1800-200-7710 पर कॉल करें
  • PMFBY की मोबाइल ऐप “Crop Insurance” पर complaint दर्ज करें
  • अपनी बीमा कंपनी को सीधे फोन करें
  • बैंक को भी बताएं अगर आपने लोन लिया हुआ है
  • जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय में भी जानकारी दे सकते हैं

मेरे चाचा को जब नुकसान हुआ था, तो उन्होंने उसी रात को टोल फ्री नंबर पर कॉल किया था। उन्हें एक complaint number मिला जो बाद में बहुत काम आया।

फोटो और सबूत जुटाएं

यह बहुत जरूरी है। अपने मोबाइल से खेत की तस्वीरें खींचिए। पूरे खेत की, फसल के नजदीक की, अलग-अलग कोणों से। वीडियो भी बना सकते हैं।

क्या-क्या फोटो लें:

  • पूरे खेत का panorama view
  • फसल को हुए नुकसान की close-up तस्वीरें
  • आसपास के खेतों की भी तस्वीरें (तुलना के लिए)
  • अगर बाढ़ या जलजमाव हुआ है तो पानी की तस्वीर
  • खेत के खसरा-खतौनी या boundary की पहचान के लिए कोई landmark

तारीख और समय वाली तस्वीरें लें। आजकल हर मोबाइल में यह सुविधा होती है।

सर्वे का इंतजार करें

आपकी सूचना मिलने के बाद बीमा कंपनी अपने सर्वेयर को भेजती है। यह व्यक्ति आपके खेत पर आकर नुकसान का जायजा लेता है।

सर्वे के दौरान ध्यान रखें:

  • सर्वेयर के साथ खेत पर जरूर रहें
  • उन्हें पूरा खेत दिखाएं, कुछ छुपाएं नहीं
  • अपने पास अपने सभी कागजात रखें
  • सर्वेयर जो भी नोट कर रहा है, उसे ध्यान से देखें
  • अगर आपको लगे कि कुछ गलत लिखा जा रहा है तो तुरंत बोलें
  • सर्वे रिपोर्ट की कॉपी मांगें

कई बार सर्वेयर गांव में सामूहिक सर्वे करता है। तब पूरे इलाके के नुकसान का औसत निकाला जाता है। इसे Crop Cutting Experiment (CCE) कहते हैं।

Claim के लिए जरूरी दस्तावेज

paddy crop insurance claim process 2026 india में यह कागजात चाहिए:

  1. बीमा पॉलिसी की कॉपी – जो आपको बीमा करवाते समय मिली थी
  2. जमीन के कागजात – खसरा-खतौनी, नकल, या जमीन की रजिस्ट्री
  3. आधार कार्ड – अपनी पहचान के लिए
  4. बैंक खाता – पासबुक की पहले पन्ने की कॉपी
  5. सूचना देने की रसीद – जब आपने 72 घंटे में complaint की थी
  6. फोटो और वीडियो – खेत के नुकसान की
  7. सर्वे रिपोर्ट – अगर मिल गई हो तो
  8. बुवाई का सबूत – बीज खरीदने की रसीद या बोनी का कोई सबूत
  9. मौसम विभाग का data – अगर संभव हो तो उस दिन के मौसम की जानकारी

सारे कागजात की फोटोकॉपी बनवा लें। Original सिर्फ दिखाने के लिए रखें।

Online Claim आवेदन कैसे करें?

आजकल paddy crop insurance claim process 2026 india को डिजिटल बना दिया गया है।

Step 1 – pmfby.gov.in वेबसाइट खोलें या Crop Insurance App डाउनलोड करें

Step 2 – अपने मोबाइल नंबर से login करें। OTP आएगा, वह डालें।

Step 3 – “Report Crop Loss” या “Claim Application” वाले section में जाएं

Step 4 – अपना बीमा पॉलिसी नंबर डालें

Step 5 – नुकसान की details भरें:

  • कब नुकसान हुआ (तारीख)
  • क्या कारण था (बाढ़, सूखा, ओले, कीट आदि)
  • कितना नुकसान हुआ (अनुमानित प्रतिशत)
  • खेत का विवरण

Step 6 – फोटो अपलोड करें। 5-10 तस्वीरें काफी हैं।

Step 7 – अपने दस्तावेज की scan copy अपलोड करें

Step 8 – Submit बटन दबाएं

आपको एक reference number मिलेगा। इसे संभालकर रखें। इसी से आप अपने claim की स्थिति देख पाएंगे।

Offline Claim प्रक्रिया

अगर आपको ऑनलाइन करने में परेशानी हो रही है तो निराश न हों।

बीमा कंपनी के दफ्तर जाएं – अपने जिले में बीमा कंपनी का office होगा। वहां जाकर claim form भरें।

बैंक में भी जा सकते हैं – जिस बैंक से लोन लिया है, वहां के manager से मिलें। वे आपकी मदद करेंगे।

CSC केंद्र पर – गांव के कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर भी claim दर्ज करवा सकते हैं। 50-100 रुपए फीस लगती है।

मुझे याद है मेरी मां को जब claim करना था तो उन्हें ऑनलाइन करना नहीं आया। हमने उन्हें CSC ले गए और वहां के भैया ने 10 मिनट में सब काम कर दिया।

Claim की रकम कैसे तय होती है?

यह सबसे बड़ा सवाल है। Paddy crop insurance claim process 2026 india में मुआवजे की गणना कैसे होती है?

सबसे पहले – आपके इलाके में धान की औसत उपज देखी जाती है। मान लो औसत 25 क्विंटल प्रति एकड़ है।

फिर – Crop Cutting Experiment से पता लगाया जाता है कि इस साल कितनी पैदावार हुई। मान लो 10 क्विंटल ही हुई।

नुकसान – 25 में से 10 हुई मतलब 15 क्विंटल का नुकसान। यानी 60% नुकसान।

बीमित राशि – मान लो आपके 1 एकड़ का बीमित मूल्य 50000 रुपए था।

मुआवजा – 50000 का 60% = 30000 रुपए आपको मिलेगा।

असल में हर जिले में अलग-अलग insurance unit होता है। पूरे unit का औसत निकालकर मुआवजा तय होता है। कभी-कभी यह individual farm level पर भी होता है।

पैसे कब तक आते हैं?

सच कहूं तो यह थोड़ा समय लेता है। सरकार कहती है कि सर्वे के बाद 2-3 महीने में पैसे आ जाने चाहिए। लेकिन कई बार 4-6 महीने भी लग जाते हैं।

पैसे सीधे आपके बैंक खाते में आएंगे। उसी खाते में जो आपने बीमा करवाते समय दिया था। आपको SMS भी आएगा कि इतने रुपए आपके खाते में जमा हुए हैं।

अगर देर हो रही है तो आप हर 15-20 दिन में अपने claim की स्थिति जरूर चेक करें। Helpline number पर भी follow-up कर सकते हैं।

Common गलतियां जिनसे बचना चाहिए

Paddy crop insurance claim process 2026 india में कुछ गलतियां होती हैं जिनसे claim reject हो सकता है:

72 घंटे की देरी – यह सबसे बड़ी गलती है। समय पर सूचना न देने से claim नहीं मिलता।

गलत जानकारी – अगर आपने बीमा फॉर्म में कुछ गलत भरा था, जैसे गलत खसरा नंबर या गलत एकड़ की संख्या, तो claim में problem आएगी।

बीज बदल देना – आपने बीमा धान के लिए करवाया और खेत में कुछ और बो दिया, तो यह नहीं चलेगा।

प्रीमियम न भरना – अगर आपने समय पर प्रीमियम नहीं भरा तो बीमा रद्द हो जाता है।

फोटो का सबूत न होना – आजकल फोटो बहुत जरूरी है। बिना फोटो के claim weak हो जाता है।

सर्वे के समय खेत साफ कर देना – कुछ लोग सोचते हैं कि खराब फसल हटाकर नई बो देते हैं। यह बिल्कुल गलत है। सर्वे होने तक खेत वैसा ही रखें।

मेरे एक रिश्तेदार ने यह गलती की थी। उन्होंने सोचा कि खराब फसल हटाकर दूसरी फसल बो देते हैं, पैसे तो आ ही जाएंगे। लेकिन जब सर्वेयर आया तो उसे कुछ मिला ही नहीं। Claim reject हो गया।

Claim Reject होने पर क्या करें?

अगर आपका claim reject हो गया है तो घबराइए मत।

सबसे पहले – rejection का कारण जानिए। बीमा कंपनी को लिखित में कारण देना होता है।

दोबारा आवेदन – अगर कोई छोटी-मोटी कमी रह गई थी तो उसे पूरा करके फिर से apply करें।

Grievance दर्ज करें – PMFBY portal पर grievance section है। वहां अपनी शिकायत दर्ज करें।

District Committee से संपर्क – हर जिले में एक committee होती है जो ऐसे मामलों को देखती है। वहां appeal कर सकते हैं।

Helpline पर कॉल – 1800-200-7710 पर कॉल करके अपनी समस्या बताएं। वे मार्गदर्शन देंगे।

कलेक्टर को पत्र – अगर कहीं से मदद नहीं मिल रही तो जिला कलेक्टर को लिखित में शिकायत दें।

कभी-कभी administrative गलती से भी rejection हो जाता है। ऐसे में appeal करने से मामला सुलझ जाता है।

State-wise विशेष सुविधाएं

कुछ राज्यों ने अतिरिक्त सुविधाएं भी शुरू की हैं:

पंजाब – यहां weather-based insurance भी available है। Satellite imagery से भी नुकसान का आकलन होता है।

उत्तर प्रदेश – UP में mobile app के जरिए claim tracking बहुत आसान है। हर step की जानकारी मिलती रहती है।

बिहार – यहां किसान सलाहकार नियुक्त किए गए हैं जो claim process में मदद करते हैं।

पश्चिम बंगाल – धान उत्पादक राज्य होने के कारण यहां faster claim settlement की व्यवस्था है।

ओडिशा – चक्रवात prone area होने से यहां emergency claim process तेज है।

अपने राज्य की विशेष सुविधाओं के बारे में जिला कृषि कार्यालय से पता करें।

सफलता की कहानी

मेरे गांव के संतोष भैया की कहानी मुझे हमेशा याद रहती है। उनके पास 5 एकड़ जमीन है और वे सिर्फ धान की खेती करते हैं।

2024 में उनकी पूरी फसल बाढ़ में डूब गई। पूरे गांव का यही हाल था। लेकिन संतोष भैया ने तुरंत टोल फ्री नंबर पर call किया। खेत की तस्वीरें भी खींच लीं।

जब सर्वेयर आया तो उनके पास सभी कागजात तैयार थे। उन्हें 80% नुकसान का मुआवजा मिला – पूरे 1,60,000 रुपए! यह पैसा उनके बैंक खाते में 3 महीने में आ गया।

वे कहते हैं – “अगर मैंने बीमा नहीं करवाया होता तो उस साल मुझे कर्ज में डूबना पड़ता। Paddy crop insurance claim process 2026 india ने मेरी जिंदगी बचा ली।”

आज वे हर साल बीमा जरूर करवाते हैं और दूसरे किसानों को भी प्रेरित करते हैं।

Important Contact Details

यह नंबर और जानकारी संभालकर रखें:

PMFBY Helpline – 1800-200-7710 (टोल फ्री)

Website – pmfby.gov.in

Mobile App – “Crop Insurance” (Play Store/App Store पर उपलब्ध)

Email – help.agri-insurance@gov.in

SMS – अपने राज्य के बीमा कोड के साथ “CCIS” लिखकर 56070 पर भेजें

अपने जिले के कृषि अधिकारी और बीमा कंपनी के नंबर भी सेव करके रखें।

निष्कर्ष

तो दोस्तों, paddy crop insurance claim process 2026 india कोई rocket science नहीं है। बस कुछ बातों का ध्यान रखना है:

पहली बात – हमेशा फसल बीमा जरूर करवाएं। यह आपकी मेहनत की सुरक्षा है। दूसरी बात – नुकसान होने पर 72 घंटे के अंदर सूचना जरूर दें। तीसरी बात – सभी कागजात और फोटो सबूत अच्छे से रखें। चौथी बात – सर्वे के समय जरूर उपस्थित रहें। पांचवीं बात – धैर्य रखें, पैसे आने में समय लग सकता है।

खेती में जोखिम है, यह सच है। लेकिन अगर आप सही तरीके से बीमा करवाते हैं और claim process को समझते हैं, तो आप इन जोखिमों से निपट सकते हैं।

मुझे मेरे चाचा की बात याद आती है जब उन्हें बीमा का पैसा मिला था। उन्होंने कहा था – “बेटा, यह सरकार की सबसे अच्छी योजना है। हमारी पीढ़ी के लिए तो ऐसा कुछ नहीं था। तुम लोग भाग्यशाली हो।”

सच में, आज के किसानों के पास सुरक्षा के साधन हैं। बस जरूरत है इनका सही इस्तेमाल करने

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