Millet Farming Govt Scheme 2026: किसानों के लिए सुनहरा मौका, जानिए पूरी डिटेल

दोस्तों, आज मैं आपको एक ऐसी कहानी सुनाता हूं जो मेरे अपने गांव की है। मेरे मित्र विकास ने तीन साल पहले अपनी पुश्तैनी खेती का तरीका बदलने का फैसला किया। लोग हंसते थे – “धान-गेहूं छोड़कर बाजरा और रागी बोएगा? पागल हो गया है क्या?” लेकिन आज वही विकास गांव में सबसे समृद्ध किसान बन चुका है। उसकी सफलता का राज है millet farming subsidy scheme 2026 india जिसके बारे में मैं आपको आज विस्तार से बताऊंगा। उसके चेहरे पर जो संतोष और गर्व मैंने देखा है, वह हर किसान को मिलना चाहिए।

Millet Farming Govt Scheme 2026: किसानों के लिए सुनहरा मौका, जानिए पूरी डिटेल

Millet Farming Subsidy Scheme क्या है और क्यों जरूरी?

भाई साहब, पहले समझते हैं कि millet यानी मोटा अनाज क्या होता है। हमारे दादा-परदादा के जमाने में बाजरा, ज्वार, रागी, कोदो, कुटकी, सांवा, चीना और कंगनी जैसे अनाज खूब उगाए जाते थे। फिर हरित क्रांति आई और सब धान-गेहूं की तरफ भाग गए।

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लेकिन अब दुनिया फिर से मोटे अनाज की तरफ लौट रही है। संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को “International Year of Millets” घोषित किया था। भारत सरकार ने भी इसे बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने का फैसला किया है।

मुझे याद है जब मेरी दादी बाजरे की रोटी बनाती थीं। वे कहती थीं – “बेटा, यह ताकत देता है, बीमारी से बचाता है।” आज विज्ञान भी यही साबित कर रहा है। Diabetes, heart disease, obesity – सबमें millet फायदेमंद है।

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योजना के मुख्य उद्देश्य

पहला उद्देश्य – मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाना। यह फसलें कम पानी में भी हो जाती हैं और climate change के लिए बेहतर हैं।

दूसरा – किसानों की आमदनी बढ़ाना। Millet की market demand बहुत बढ़ गई है और दाम भी अच्छे मिलते हैं।

तीसरा – पोषण सुरक्षा। यह super food हैं जिनमें protein, fiber, iron और दूसरे minerals भरपूर होते हैं।

चौथा – जल संरक्षण। धान में जितना पानी लगता है, उसके मुकाबले millet में 5-10 गुना कम पानी चाहिए।

पांचवां – मिट्टी की सेहत सुधारना। Millet की जड़ें गहरी जाती हैं और जमीन को पोषण देती हैं।

Millet Farming क्यों फायदेमंद है?

मैं आपको अपने अनुभव से बताता हूं। विकास के खेत में पहले धान होता था। हर 3-4 दिन में सिंचाई, बिजली का भारी बिल, और फिर भी मुनाफा कम। अब वह बाजरा उगाता है। महीने में एक-दो बार पानी, बिजली का खर्च लगभग शून्य, और मुनाफा दोगुना।

कम लागत – Millet की खेती में खर्च बहुत कम आता है। कम पानी, कम खाद, कम कीटनाशक।

ज्यादा दाम – आजकल organic millet तो 80-100 रुपए किलो तक बिक रहा है। सामान्य भी 30-40 रुपए किलो मिल जाता है।

हर मौसम में संभव – सूखा हो या बारिश कम हो, millet टिका रहता है। Risk बहुत कम है।

Ready market – बड़ी-बड़ी कंपनियां millet खरीद रही हैं। Export की भी बहुत demand है।

कौन-कौन से किसान पात्र हैं?

अब बात करते हैं कि millet farming subsidy scheme 2026 india का लाभ कौन उठा सकता है:

पात्रता की शर्तें

सभी किसान – छोटे हो, बड़े हो, बटाईदार हो – सब आवेदन कर सकते हैं। यह योजना सबके लिए खुली है।

जमीन का मालिकाना – अपनी जमीन हो या लीज पर ली हुई, दोनों में subsidy मिल सकती है। बस कागजात सही होने चाहिए।

Millet उगाने की प्रतिबद्धता – आपको कम से कम 1 एकड़ में millet बोना होगा। कुछ राज्यों में 0.5 एकड़ से भी शुरुआत हो सकती है।

आधार और बैंक खाता – यह दोनों अनिवार्य हैं। सब्सिडी DBT के through सीधे खाते में आएगी।

पंजीकृत किसान – आपका नाम किसान database में होना चाहिए। अगर नहीं है तो पहले registration करवा लें।

प्रशिक्षण लेना – कुछ योजनाओं में millet की खेती का 2-3 दिन का प्रशिक्षण लेना जरूरी होता है। यह free में मिलता है।

मेरी बुआ के पास सिर्फ 2 एकड़ जमीन है। उन्हें लगता था कि छोटी जोत होने से subsidy नहीं मिलेगी। लेकिन जब उन्होंने आवेदन किया तो पता चला कि छोटे किसानों को तो प्राथमिकता मिलती है। उनकी खुशी देखने लायक थी।

Subsidy Scheme के तहत मिलने वाले फायदे

अब आते हैं मजेदार हिस्से पर। Millet farming subsidy scheme 2026 india से आपको क्या-क्या मिल सकता है?

बीज पर भारी छूट

प्रमाणित millet के बीज पर 75-90% तक की subsidy मिल रही है। कई राज्यों में तो बिल्कुल मुफ्त में बीज दिए जा रहे हैं।

Improved varieties – DHM-117 (बाजरा), CSV-17, CSV-27 (ज्वार), GPU-28 (रागी), CO-3 (कंगनी) जैसी उन्नत किस्में।

विकास को पिछले साल पूरे 2 एकड़ के लिए बीज मुफ्त में मिला था। उसकी कीमत लगभग 8000 रुपए थी। बिल्कुल मुफ्त!

सिंचाई पर सब्सिडी

हालांकि millet को ज्यादा पानी नहीं चाहिए, लेकिन अगर आप ड्रिप या स्प्रिंकलर लगवाना चाहते हैं तो 80-90% तक की subsidy मिलती है।

Rainwater harvesting – बारिश के पानी को सहेजने के लिए farm pond बनवाने पर भी मदद मिलती है। 50000-70000 रुपए तक का अनुदान।

खाद पर छूट

Organic खाद पर विशेष subsidy है। Vermicompost, FYM (गोबर की खाद), compost – इन पर 50% तक की छूट।

जैविक तरीके से millet उगाने वालों को 5000-8000 रुपए प्रति एकड़ अतिरिक्त incentive भी मिलता है। Organic certification के लिए भी सरकार पैसे देती है।

Processing units के लिए सहायता

यह बहुत बड़ा फायदा है। अगर आप millet को साफ करने, पीसने या packaging करने के लिए छोटी unit लगाना चाहते हैं तो 35-50% तक का grant मिलता है।

मेरे गांव में 5-6 किसानों ने मिलकर एक छोटा processing unit लगाया है। कुल खर्च 5 लakh आया था, लेकिन सरकार ने 2.5 lakh दिए। अब वे अपना millet खुद process करके branded packet में बेचते हैं।

Market linkage और MSP

सरकार ने कई millets के लिए Minimum Support Price (MSP) तय की है:

  • बाजरा: 2350 रुपए प्रति क्विंटल
  • ज्वार: 3225 रुपए प्रति क्विंटल
  • रागी: 3846 रुपए प्रति क्विंटल

इसके अलावा FPO (Farmer Producer Organization) के through direct selling की सुविधा भी है।

Training और exposure visit

मुफ्त प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। कभी-कभी दूसरे राज्यों में successful farmers के खेत देखने के लिए भी ले जाया जाता है। सारा खर्च सरकार उठाती है।

Crop insurance में छूट

PMFBY के तहत millet का बीमा बहुत कम premium में हो जाता है। कुछ राज्य तो premium भी माफ कर रहे हैं।

Direct benefit transfer

Millet farming subsidy scheme 2026 india के तहत प्रति एकड़ 6000-10000 रुपए direct cash benefit मिलता है। यह पैसा आप जहां चाहें इस्तेमाल कर सकते हैं।

कौन-कौन से Millet आते हैं इस योजना में?

सभी प्रकार के मोटे अनाज इसमें शामिल हैं:

Major millets:

  • बाजरा (Pearl Millet)
  • ज्वार (Sorghum)
  • रागी (Finger Millet)

Minor millets:

  • कोदो (Kodo Millet)
  • कुटकी (Little Millet)
  • सांवा (Barnyard Millet)
  • चीना (Proso Millet)
  • कंगनी (Foxtail Millet)

सबके लिए अलग-अलग package है। आप अपने area और मिट्टी के हिसाब से चुन सकते हैं।

आवेदन कैसे करें? (Step by Step)

अब सबसे जरूरी बात – millet farming subsidy scheme 2026 india के लिए apply कैसे करें?

Online आवेदन प्रक्रिया

Step 1 – अपने राज्य के कृषि विभाग की website पर जाएं या National Portal “agricoop.nic.in” पर।

Step 2 – “Millet Mission” या “Nutri-Cereals Scheme” वाले section में जाएं।

Step 3 – अपना mobile number डालकर OTP verification करें।

Step 4 – Personal details भरें:

  • नाम, पिता का नाम
  • पूरा पता
  • आधार नंबर
  • Bank account details (IFSC code के साथ)

Step 5 – Land details दें:

  • कितनी एकड़ जमीन है
  • खसरा-खतौनी नंबर
  • कौन सा millet बोएंगे
  • Organic करेंगे या conventional

Step 6 – Documents upload करें:

  • आधार card
  • Bank passbook
  • Land records
  • Passport size photo
  • Previous crop का सबूत (optional)

Step 7 – Declaration पढ़कर accept करें।

Step 8 – Submit button दबाएं। आपको एक registration number मिलेगा।

इस number से आप अपने application की status check कर पाएंगे।

Offline आवेदन

कृषि विभाग का office – Block या District headquarters में जाकर form भरें।

Krishi Vigyan Kendra (KVK) – यहां के experts आपकी मदद करेंगे।

CSC center – Common Service Center पर भी application हो सकती है।

Agriculture extension officer – हर area में एक officer होता है। उनसे संपर्क करें।

मेरे चाचा को online करना नहीं आता था। उन्होंने KVK जाकर form भरवाया। वहां के scientist ने न सिर्फ form भरा बल्कि millet की बेहतरीन variety भी suggest की।

जरूरी दस्तावेज

पूरी list एक बार फिर:

  1. आधार कार्ड – must have
  2. बैंक खाता – आधार से linked
  3. जमीन के कागजात – खसरा-खतौनी या registry
  4. राशन कार्ड/वोटर ID – address proof
  5. पासपोर्ट फोटो – 4-5 copies
  6. मोबाइल नंबर – active होना चाहिए
  7. Caste certificate (SC/ST को extra benefit के लिए)
  8. किसान registration number (अगर पहले से है)

सभी documents की photocopy बनवा लें। Original सिर्फ verification के लिए दिखाने हैं।

State-wise विशेष योजनाएं

हर राज्य में कुछ अतिरिक्त सुविधाएं हैं:

कर्नाटक – Ragi (रागी) hub होने के कारण यहां विशेष package है। Processing unit के लिए 60% तक grant।

महाराष्ट्र – Jowar (ज्वार) belt में special subsidy। MSP से ऊपर bonus भी दिया जाता है।

राजस्थान – Bajra (बाजरा) का biggest producer। यहां seed production के लिए भी incentive है।

तमिलनाडु – Organic millet farming पर focus। Certification के लिए पूरा खर्च सरकार उठाती है।

उत्तर प्रदेश और बिहार – Bundelkhand और दूसरे drought prone areas में double subsidy दी जा रही है।

Odisha – Tribal areas में millet cultivation को बढ़ावा देने के लिए special scheme।

Madhya Pradesh – Millet value chain development पर जोर। Farm to fork तक support।

Technical Support और Training

Millet farming subsidy scheme 2026 india में सिर्फ पैसे ही नहीं, technical help भी मिलती है:

Free training programs

3-5 दिन के practical training sessions होते हैं जिनमें सिखाया जाता है:

  • कौन सी variety चुनें
  • Seed treatment कैसे करें
  • बुवाई का सही समय और तरीका
  • Intercropping कैसे करें
  • Pest और disease management
  • Harvesting और post-harvest handling

Expert advice

KVK के scientists का mobile number मिलता है। आप कभी भी call करके advice ले सकते हैं।

Demo plots

हर block में demonstration plots लगाए जाते हैं जहां आप जाकर देख सकते हैं कि कैसे millet उगाई जाती है।

WhatsApp groups

किसानों के WhatsApp groups बनाए जाते हैं जहां regular updates और tips share होते रहते हैं।

विकास एक ऐसे ही group का member है। उसे रोज कोई न कोई useful information मिलती रहती है।

Common गलतियां जिनसे बचें

देर से आवेदन – Scheme announce होते ही apply करें। Quota भर जाने पर देर हो जाती है।

गलत variety का चुनाव – अपनी मिट्टी और climate के हिसाब से variety चुनें। Expert की सलाह लें।

Traditional बीज का इस्तेमाल – Subsidy के लिए certified seed ही इस्तेमाल करें। Record रखें।

Documentation की कमी – सभी bills और receipts संभालकर रखें। Verification के समय काम आती हैं।

Organic claim करना पर chemical डालना – अगर organic subsidy ली है तो purely organic ही करें। Inspection हो सकता है।

अकेले काम करना – Group में काम करें तो ज्यादा फायदा। Marketing भी आसान हो जाती है।

Success Story जो inspire करे

मैं आपको अपने गांव की सुनीता दीदी की कहानी बताता हूं। 45 साल की उम्र में विधवा हो गईं। 3 एकड़ जमीन थी लेकिन खेती का अनुभव बिल्कुल नहीं।

2024 में उन्होंने millet farming subsidy scheme 2026 india के बारे में सुना। KVK में training ली। Ragi और kodo उगाने का फैसला किया।

उन्हें मिला:

  • मुफ्त बीज (5000 रुपए की value)
  • Farm pond के लिए 50000 रुपए
  • Organic खाद पर 3000 रुपए की छूट
  • Direct benefit के 18000 रुपए (3 एकड़ × 6000)
  • Free training और expert support

पहले साल में ही उन्हें 80000 रुपए का मुनाफा हुआ। धान में इतना कभी नहीं मिलता था।

दूसरे साल उन्होंने processing शुरू की। Ragi flour बनाकर अपने brand name से बेचने लगीं। अब महीने की 25000-30000 रुपए की कमाई हो रही है।

आज वे 50 से ज्यादा महिलाओं को millet farming सिखा रही हैं। गांव की hero बन गई हैं। उनका confidence और smile देखकर लगता है कि यह योजना सचमुच life-changing है।

Marketing और बिक्री के तरीके

Millet उगा लिया, अब बेचें कहां? यह बड़ा सवाल है।

MSP पर सरकार को – सबसे safe option। Government procurement centers पर बेच दें।

FPO के through – Farmer Producer Organizations bulk में खरीदते हैं और अच्छा दाम देते हैं।

Direct to consumer – Organic millet अगर है तो online या local market में सीधे बेच सकते हैं। 2-3 गुना दाम मिलता है।

Food companies को – ITC, Patanjali, organic food companies मोटे अनाज की भारी demand रखती हैं।

Export – अगर quantity ज्यादा है तो export भी कर सकते हैं। Government इसमें भी help करती है।

Value addition – खुद process करके atta, flakes, cookies बनाकर बेचें। सबसे ज्यादा profit इसमें है।

निष्कर्ष

दोस्तों, millet farming subsidy scheme 2026 india सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है। यह एक अवसर है – अपनी खेती को लाभदायक बनाने का, अपनी सेहत सुधारने का, और पर्यावरण को बचाने का।

विकास की कहानी से लेकर सुनीता दीदी की success story तक – सब यही बताते हैं कि millet farming future है। कम पानी, कम खर्च, ज्यादा मुनाफा, और सबसे बड़ी बात – risk बहुत कम।

सरकार पूरी तरह से support कर रही है। बीज मुफ्त, training मुफ्त, subsidy भरपूर, और market भी ready है। बस जरूरत है एक छोटे से कदम की।

मेरी सलाह है – इसी season एक छोटा सा area में try करें। 1 एकड़ से शुरुआत करें। Experience लें, फिर धीरे-धीरे बढ़ाएं।

याद रखिए – हमारे पुरखे centuries से millet उगाते आए हैं। यह हमारी विरासत है। अब समय आ गया है इसे फिर से अपनाने का। और सरकार आपके साथ है हर कदम पर।

तो देर किस बात की? आज ही अपने नजदीकी कृषि कार्यालय जाइए, जानकारी लीजिए, और millet farming subsidy scheme 2026 india का हिस्सा बनिए।

आपकी खेती हरी-भरी हो, आपकी फसल लहलहाए, और आपका जीवन खुशहाल हो। जय किसान, जय भारत!

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