♿ दिव्यांगजनों के लिए फ्री कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण! Artificial Limbs Assistive Equipments Scheme (ADIP) में ऐसे करें आवेदन, मिलेगा ₹30,000 तक का लाभ

Artificial Limbs Assistive Equipments Scheme 2026 Update: भारत में दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत भरी खबर! सरकार की ADIP योजना (Assistance to Divyangjan for Purchase/Fitting of Aids/Appliances) के तहत अब 40% या उससे अधिक विकलांगता वाले व्यक्तियों को पूरी तरह से निःशुल्क कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, ट्राइसाइकिल और अन्य आधुनिक सहायक उपकरण मिल रहे हैं। यह योजना 1981 से चल रही है और अब तक लाखों दिव्यांगजनों को लाभ पहुंचा चुकी है। ALIMCO (Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India) इस योजना की मुख्य implementing agency है जो देशभर में शिविर लगाकर उपकरण वितरित करती है। आइए विस्तार से जानते हैं इस योजना के बारे में, पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया।

🎯 योजना का उद्देश्य और महत्व

Artificial Limbs Assistive Equipments Scheme का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद दिव्यांगजनों को टिकाऊ, आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से निर्मित सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है ताकि उनका शारीरिक, सामाजिक और मानसिक पुनर्वास हो सके। सहायक उपकरण दिव्यांगजनों को स्वतंत्र रूप से काम करने में मदद करते हैं और विकलांगता के प्रभाव को कम करके द्वितीयक विकलांगता को रोकते हैं। यह योजना विकलांगता के प्रभाव को कम करके दिव्यांगजनों की आर्थिक क्षमता को बढ़ाती है और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने में मदद करती है।

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योजना में जरूरत पड़ने पर सहायक उपकरण लगाने से पहले सुधारात्मक सर्जरी की व्यवस्था भी शामिल है। उदाहरण के लिए, कृत्रिम अंग लगाने से पहले यदि किसी प्रकार की सर्जरी आवश्यक है तो वह भी योजना के तहत करवाई जा सकती है। यह समग्र दृष्टिकोण इस योजना को विशेष बनाता है।

💰 कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?

सामान्य नियम के अनुसार, पात्र दिव्यांगजन को ₹15,000 तक के उपकरण हर 3 साल में एक बार निःशुल्क मिलते हैं। हालांकि, 18 साल से कम उम्र के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs – CWSN) को कृत्रिम अंग साल में एक बार मिल सकते हैं क्योंकि बच्चों का शरीर तेजी से बढ़ता है।

कुछ विशेष महंगे उपकरणों के लिए सब्सिडी की सीमा ₹30,000 तक है, जैसे कि मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, उन्नत श्रवण यंत्र और कोक्लियर इम्प्लांट।

आय के आधार पर सहायता:

यदि मासिक आय ₹22,500 या उससे कम है तो उपकरण की पूरी लागत (100%) सरकार द्वारा वहन की जाती है।

यदि आय ₹22,501 से ₹30,000 के बीच है तो उपकरण की 50% लागत सरकार देती है, बाकी 50% लाभार्थी या राज्य सरकार/NGO द्वारा दिया जाता है।

सर्जरी के लिए सहायता:

श्रवण और वाणी विकलांगता के लिए ₹1,500, दृष्टि विकलांगता के लिए ₹3,000 तक की सर्जरी सहायता भी योजना में शामिल है।

यात्रा और ठहरने का खर्च:

दिव्यांगजन और एक सहायक के लिए ₹250 यात्रा भत्ता और शिविर में भाग लेने के लिए ₹100 प्रतिदिन बोर्डिंग-लॉजिंग का खर्च भी दिया जाता है।

✅ पात्रता की शर्तें

योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:

1. नागरिकता और आयु: आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए, किसी भी उम्र का व्यक्ति आवेदन कर सकता है।

2. विकलांगता प्रमाण पत्र: कम से कम 40% विकलांगता का प्रमाण पत्र (Benchmark Disability Certificate) होना अनिवार्य है। यह सरकारी अस्पताल या मेडिकल बोर्ड से जारी होना चाहिए।

3. आधार और UDID: आधार कार्ड और UDID (Unique Disability ID) या Enrollment Number होना जरूरी है।

4. आय सीमा: आवेदक की सभी स्रोतों से मासिक आय ₹30,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। आश्रितों के मामले में, माता-पिता या अभिभावकों की आय भी ₹30,000 प्रति माह से अधिक नहीं होनी चाहिए।

5. पूर्व सहायता: पिछले 3 साल में इसी उद्देश्य के लिए किसी सरकारी या गैर-सरकारी संगठन से सहायता नहीं मिली होनी चाहिए। हालांकि, 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यह सीमा 1 साल है।

नोट: अनाथालय या आधे रास्ते के घरों में रहने वाले लाभार्थियों का आय प्रमाण पत्र जिला कलेक्टर या संगठन के प्रमुख द्वारा प्रमाणित किया जा सकता है।

📋 किन उपकरणों पर मिलता है लाभ?

ADIP योजना के तहत विभिन्न प्रकार की विकलांगताओं के लिए अलग-अलग उपकरण उपलब्ध हैं:

शारीरिक विकलांगता के लिए:

  • कृत्रिम अंग (Artificial Limbs) – ऊपरी और निचले अंगों के लिए
  • व्हीलचेयर (Wheelchairs) – मैनुअल और मोटराइज्ड दोनों
  • ट्राइसाइकिल (Tricycles) – सामान्य और मोटराइज्ड
  • क्रचेस (Crutches) और वॉकिंग स्टिक
  • कैलिपर्स (Calipers) और ब्रेसेस
  • स्पाइनल ब्रेसेस और सर्वाइकल कॉलर
  • ट्रैक्शन किट

दृष्टि विकलांगता के लिए:

  • व्हाइट केन (White Cane)
  • ब्रेल किट और टाइपराइटर
  • टॉकिंग बुक्स और डिजिटल रीडर
  • मैग्निफायर और स्पेक्टेकल्स

श्रवण विकलांगता के लिए:

  • डिजिटल और डिजिटल प्रोग्रामेबल हियरिंग एड्स (Hearing Aids)
  • कोक्लियर इम्प्लांट (Cochlear Implant)
  • ऑडियोमेट्री रूम में सुनने की क्षमता की जांच

मानसिक और बौद्धिक विकलांगता के लिए:

  • थेरेपी किट
  • सेंसरी मोटर ट्रेनिंग एड्स
  • ADL (Activities of Daily Living) ट्रेनिंग उपकरण

एकाधिक विकलांगता के लिए:

एकाधिक विकलांगता की स्थिति में, प्रत्येक व्यक्तिगत उपकरण या सहायता के लिए अलग-अलग सीमा लागू होगी।

🏢 ALIMCO – मुख्य Implementing Agency

ALIMCO भारत सरकार का 100% स्वामित्व वाला केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को पुनर्वास सहायता उपकरण बनाकर और कृत्रिम अंगों की उपलब्धता, उपयोग, आपूर्ति और वितरण को बढ़ावा देकर अधिकतम लाभ पहुंचाना है।

लाभ का मकसद नहीं बल्कि उचित कीमत पर बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों को बेहतर गुणवत्ता के उपकरण उपलब्ध कराना ALIMCO का मुख्य उद्देश्य है।

ALIMCO के उत्पादन केंद्र:

ALIMCO के देश भर में 6 सहायक उत्पादन केंद्र (AAPCs) हैं – भुवनेश्वर (ओडिशा), जबलपुर (मध्य प्रदेश), बेंगलुरु (कर्नाटक), मोहाली (पंजाब), उज्जैन (मध्य प्रदेश) और फरीदाबाद (हरियाणा)।

मार्केटिंग सेंटर नई दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद, गुवाहाटी, रांची, जयपुर और चेन्नई में हैं।

प्रधानमंत्री दिव्यांग केंद्र (PMDK):

सरकार ने देश में हर 100 किमी की दूरी पर केंद्र खोलने का निर्णय लिया है ताकि पात्र लाभार्थी को न्यूनतम प्रतीक्षा समय में अपने दरवाजे के पास सहायक उपकरण उपलब्ध हो सकें। अब तक 100 PMDK खोले जा चुके हैं जो देश के सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करते हैं।

PMDK में मिलने वाली सेवाएं:

  • सरकारी योजनाओं के तहत दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क उपकरण वितरण
  • प्रोस्थेसिस और ऑर्थोसिस फिटमेंट
  • सुनने की हानि का आकलन करने के लिए ऑडियोमेट्री रूम और निःशुल्क हियरिंग एड्स देने के साथ फिटेड यूजर को प्रशिक्षण

ALIMCO की उपलब्धियां:

पिछले 5 वर्षों में प्रधानमंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में लेकर 5 मेगा वितरण शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किए गए।

ALIMCO/मंत्रालय के नाम पर 10 गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल किए।

2011-12 के लिए भारत के राष्ट्रपति से SCOPE उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त किया।

🚀 AI और आधुनिक तकनीक का समावेश

ALIMCO अब अपने असिस्टिव टेक्नोलॉजी में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को एकीकृत कर रहा है। FY 2025-26 के लिए यूनिवर्सल सॉकेट, अपग्रेडेड मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर लॉन्च करने की तैयारी चल रही है।

दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए असिस्टिव केन और कमोड व्हीलचेयर जैसे अन्य उपकरण विकास के विभिन्न चरणों में हैं।

ALIMCO के CMD प्रवीण कुमार ने कहा, “सच्चा सशक्तिकरण उस तकनीक तक पहुंच से शुरू होता है जो स्वतंत्रता और गरिमा को बढ़ाती है”।

📱 ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

योजना में आवेदन करने के कई तरीके हैं:

1. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन:

ADIP की आधिकारिक वेबसाइट https://adip.depwd.gov.in/mosjeApp/orp.html पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें।

स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:

  • वेबसाइट पर जाएं और “Online Registration” विकल्प पर क्लिक करें
  • अपना आधार नंबर, UDID, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करें
  • विकलांगता प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र अपलोड करें
  • अपनी विकलांगता के प्रकार और आवश्यक उपकरण का विवरण दें
  • फॉर्म सबमिट करने के बाद रजिस्ट्रेशन नंबर नोट करें
  • आपके नजदीकी ALIMCO केंद्र या शिविर में बुलाया जाएगा

2. शिविरों के माध्यम से:

ALIMCO समय-समय पर विभिन्न शहरों और जिलों में विशेष शिविर आयोजित करता है। इन शिविरों में:

  • स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा
  • मेडिकल असेसमेंट और माप
  • उसी दिन या कुछ दिनों में उपकरण की फिटिंग
  • निःशुल्क वितरण

शिविर की जानकारी के लिए ALIMCO की वेबसाइट alimco.in या अपने जिले के विकलांग कल्याण विभाग से संपर्क करें।

3. PMDK केंद्रों पर सीधे आवेदन:

अपने नजदीकी प्रधानमंत्री दिव्यांग केंद्र (PMDK) पर जाकर सीधे आवेदन कर सकते हैं। वहां के अधिकारी आपकी पूरी मदद करेंगे।

4. National Institutes और Regional Centres के माध्यम से:

NIEPMD Chennai, CRC Guwahati, CRC Ranchi जैसे राष्ट्रीय संस्थानों में भी आवेदन किया जा सकता है।

📄 आवश्यक दस्तावेज

आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगे (सभी self-attested):

  1. विकलांगता प्रमाण पत्र: 40% या अधिक विकलांगता दर्शाने वाला वैध प्रमाण पत्र
  2. आधार कार्ड: पहचान और पते के प्रमाण के लिए
  3. UDID कार्ड: यदि बना हुआ है तो
  4. आय प्रमाण पत्र: राजस्व विभाग या तहसीलदार से जारी (3 महीने से पुराना नहीं)
  5. बैंक पासबुक: यदि किसी खर्च की प्रतिपूर्ति की जरूरत हो
  6. पासपोर्ट साइज फोटो: 2-3 फोटो
  7. पहचान प्रमाण: पैन कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस
  8. निवास प्रमाण पत्र: राशन कार्ड, यूटिलिटी बिल या संपत्ति कर रसीद

अनाथालय या आधे रास्ते के घरों में रहने वालों के लिए संस्था प्रमुख या जिला कलेक्टर का प्रमाण पत्र मान्य होगा।

🔍 शिकायत निवारण और सहायता

ALIMCO MITRA Mobile App:

ALIMCO MITRA मोबाइल एप्लिकेशन शिकायत निवारण के लिए सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करने के लिए विकसित की गई है। यह एप्लिकेशन निःशुल्क उपलब्ध है और Google Play Store से किसी भी Android डिवाइस पर आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।

जिन लाभार्थियों को ALIMCO से उपकरण मिल चुके हैं और किसी समस्या का सामना कर रहे हैं, वे समय पर सहायता के लिए ऐप में ग्रीवेंस सिस्टम फीचर का उपयोग कर सकते हैं।

Online Sales Portal:

ALIMCO ने सहायक उपकरणों और पुनर्वास सहायता की सीधी खरीदारी की सुविधा के लिए एक ऑनलाइन बिक्री पोर्टल शुरू किया है। जो लाभार्थी ADIP या RVY योजनाओं के तहत पात्र नहीं हैं, वे सुविधाजनक रूप से उत्पादों को किफायती दरों पर ऑनलाइन खरीद सकते हैं।

संपर्क जानकारी:

ALIMCO Head Office: G.T. Road, Kanpur – 209217, Uttar Pradesh Phone: 0512-2770873, 2770687 Email: cmd@alimco.in Website: www.alimco.in

Department of Empowerment of Persons with Disabilities: 5th Floor, Pt. Deendayal Antyodaya Bhawan CGO Complex, Lodhi Road, New Delhi – 110003 Website: www.depwd.gov.in

🎯 योजना के मुख्य लाभ और प्रभाव

व्यक्तिगत लाभ:

  • दिव्यांगजनों को स्वतंत्र रूप से चलने-फिरने और दैनिक कार्य करने में मदद
  • आत्मविश्वास और आत्मसम्मान में वृद्धि
  • शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक बेहतर पहुंच
  • सामाजिक भागीदारी में सुधार

आर्थिक लाभ:

  • महंगे उपकरणों पर परिवार का खर्च बचता है
  • रोजगार योग्यता बढ़ने से आय के अवसर
  • गरीब परिवारों पर वित्तीय बोझ कम होता है

सामाजिक प्रभाव:

  • समावेशी समाज की दिशा में कदम
  • दिव्यांगजनों के प्रति जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण
  • विकलांगता से संबंधित कलंक को कम करना
  • संयुक्त राष्ट्र के SDG (Sustainable Development Goals) में योगदान

राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव:

योजना को 26 सितंबर 2024 को संशोधित किया गया और 15वें वित्त आयोग की शेष अवधि यानी 31 मार्च 2026 तक जारी रखने के लिए मंजूरी दी गई।

Make in India और Atmanirbhar Bharat के तहत स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिलता है।

⚠️ महत्वपूर्ण बातें और सावधानियां

  1. नकली शिविरों से सावधान रहें: केवल ALIMCO या सरकारी विभाग द्वारा आयोजित प्रमाणित शिविरों में ही भाग लें।
  2. कोई शुल्क नहीं: ADIP योजना पूरी तरह से निःशुल्क है। यदि कोई पैसे मांगे तो शिकायत दर्ज करें।
  3. गुणवत्ता की जांच: मिले उपकरणों की गुणवत्ता की जांच करें और ISI/ISO प्रमाणीकरण देखें।
  4. फॉलो-अप: उपकरण मिलने के बाद नियमित फॉलो-अप और रखरखाव जरूरी है।
  5. प्रशिक्षण लें: विशेष रूप से कृत्रिम अंग या जटिल उपकरणों के लिए उचित प्रशिक्षण अवश्य लें।
  6. दस्तावेज संभालें: सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी अपने पास रखें।

🌟 सफलता की कहानियां

ADIP योजना ने देश भर में लाखों जीवन बदले हैं। कृत्रिम अंग पाकर कई लोग फिर से चलने लगे, व्हीलचेयर से गतिशीलता मिली, श्रवण यंत्र से बच्चे स्कूल जाने लगे। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल से कई दिव्यांगजन स्वरोजगार शुरू कर पाए।

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