योजना का संक्षिप्त विवरण
Gambhir Bimari Sahayata Yojana राज्य सरकारों द्वारा उन गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए शुरू की गई है जिनके पास गंभीर बीमारियों के महंगे इलाज का खर्च वहन करने की क्षमता नहीं है। इस योजना के तहत कैंसर, किडनी फेल्योर, हार्ट सर्जरी, लीवर ट्रांसप्लांट और अन्य जानलेवा बीमारियों के इलाज के लिए ₹50,000 से ₹5,00,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। महंगाई के इस दौर में जब इलाज का खर्च लाखों में पहुंच गया है, यह योजना गरीब परिवारों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।
योजना के अंतर्गत मिलने वाले मुख्य लाभ
वित्तीय सहायता:
- बीमारी की गंभीरता के अनुसार ₹50,000 से ₹5,00,000 तक
- सीधे बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से
- कुछ राज्यों में Cashless Treatment की सुविधा
उपचार सुविधाएं:
- सरकारी और empanelled निजी अस्पतालों में इलाज
- सर्जरी, कीमोथेरेपी, डायलिसिस आदि covered
- दवाइयों और medical equipment की सहायता
- Post-treatment follow-up
कवर की जाने वाली गंभीर बीमारियां:
- कैंसर (सभी प्रकार)
- हृदय रोग (Heart Surgery, Bypass)
- किडनी फेल्योर (Dialysis, Transplant)
- लीवर की गंभीर बीमारियां
- ब्रेन ट्यूमर
- थैलेसीमिया
- हीमोफीलिया
- पैरालिसिस
- गंभीर दुर्घटनाओं में जलने के मामले
- अन्य जीवन के लिए खतरनाक बीमारियां
पात्रता मानदंड – कौन आवेदन कर सकता है?
आर्थिक पात्रता:
- आवेदक BPL (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार से होना चाहिए
- या परिवार की वार्षिक आय ₹1,00,000 से ₹3,00,000 से कम हो (राज्य के अनुसार भिन्न)
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लोग पात्र
निवास संबंधी शर्तें:
- आवेदक संबंधित राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य
- राज्य में कम से कम 3 वर्ष से निवास करना आवश्यक
चिकित्सा संबंधी शर्तें:
- मान्यता प्राप्त सरकारी अस्पताल से गंभीर बीमारी का प्रमाण पत्र
- विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा certified medical reports
- इलाज की अनुमानित लागत का विवरण
अन्य आवश्यक शर्तें:
- आधार कार्ड और बैंक खाता अनिवार्य रूप से linked
- पहले इस योजना का लाभ न लिया हो (कुछ राज्यों में जीवनकाल में एक बार)
- किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ न ले रहे हों
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़
पहचान और निवास संबंधी:
- आधार कार्ड (मरीज और परिवार के मुखिया का)
- राशन कार्ड (BPL/APL)
- निवास प्रमाण पत्र या Domicile Certificate
- Voter ID Card
आय संबंधी:
- आय प्रमाण पत्र (तहसीलदार या राजस्व अधिकारी द्वारा जारी)
- BPL Certificate (यदि लागू हो)
- EWS Certificate
चिकित्सा संबंधी (बहुत महत्वपूर्ण):
- विस्तृत Medical Reports और Test Results
- सरकारी अस्पताल से जारी बीमारी प्रमाण पत्र
- विशेषज्ञ डॉक्टर का prescription और recommendation
- अनुमानित इलाज खर्च का विवरण (Hospital Estimate)
- पिछले इलाज के bills और receipts (यदि हों)
बैंक और अन्य:
- बैंक खाता पासबुक (आधार से linked)
- Cancel Cheque या Bank Statement
- पासपोर्ट साइज फोटो (मरीज की)
- मोबाइल नंबर
Online Registration की पूरी प्रक्रिया
चरण 1: Official Portal पर जाएं
अपने राज्य के स्वास्थ्य विभाग या सामाजिक कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट खोलें। ‘गंभीर बीमारी सहायता योजना’ या ‘Critical Illness Assistance Scheme’ का section ढूंढें।
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चरण 2: Registration करें
- ‘New Registration’ या ‘Apply Online’ पर क्लिक करें
- अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें
- OTP verification करें
- Login credentials create करें
चरण 3: Personal Details भरें
- मरीज का पूरा नाम, पिता/पति का नाम
- जन्मतिथि और आयु
- लिंग (Gender)
- आधार नंबर (सावधानीपूर्वक)
- Category (General/SC/ST/OBC)
चरण 4: Contact और Address Details
- पूरा पता – गांव/शहर, तहसील, जिला, राज्य
- Pin Code
- Mobile Number और Email ID (यदि हो)
- Permanent और Present Address
चरण 5: Medical Information भरें
- बीमारी का नाम और प्रकार
- कब से बीमार हैं (Duration)
- किस अस्पताल में इलाज चल रहा है
- Doctor का नाम और Hospital का नाम
- अनुमानित इलाज खर्च
- Emergency case है या नहीं
चरण 6: Income और Bank Details
- परिवार की वार्षिक आय
- BPL/APL Category
- Bank Account Number
- IFSC Code
- Branch का नाम
चरण 7: Documents Upload करें
सभी required documents की clear scanned copies upload करें:
- आधार कार्ड (Size: Max 200KB, Format: PDF/JPG)
- Medical Reports और Hospital Certificate
- आय प्रमाण पत्र
- BPL Card/EWS Certificate
- बैंक पासबुक की copy
- मरीज की फोटो
चरण 8: Declaration और Submit
- सभी जानकारी सही होने की घोषणा checkbox में tick करें
- Captcha Code भरें
- Preview में एक बार पूरा form check करें
- ‘Submit’ button पर क्लिक करें
- Application/Registration Number save करें
- Acknowledgement Receipt download करें और print निकाल लें
Offline Registration प्रक्रिया
यदि ऑनलाइन आवेदन में समस्या हो तो:
- नजदीकी सरकारी अस्पताल या जिला अस्पताल जाएं
- Chief Medical Officer (CMO) office से form लें
- Form को सावधानीपूर्वक भरें
- सभी documents की self-attested copies attach करें
- Medical Superintendent या CMO के पास जमा करें
- Receipt जरूर लें (Application Number के साथ)
Application Status कैसे चेक करें?
Online Status Check:
- Official portal पर ‘Track Application’ section में जाएं
- Application/Registration Number डालें
- या Aadhaar Number से search करें
- Mobile Number से OTP verify करें
- Status screen पर दिखेगा:
- Pending – Under Process
- Approved – मंजूर हो गया
- Rejected – अस्वीकृत (कारण के साथ)
- Amount Released – राशि transfer हो गई
Helpline से:
- Toll-free helpline number पर call करें
- Application Number बताएं
- Officer status बता देंगे
महत्वपूर्ण बातें याद रखें
⚠️ जल्दी आवेदन करें: बीमारी का पता चलते ही तुरंत apply करें, देर न करें
⚠️ सही Documents: Medical reports और certificates government hospital से ही बनवाएं
⚠️ Complete Information: कोई भी column खाली न छोड़ें, सही-सही जानकारी भरें
⚠️ Follow-up: Regular रूप से status check करते रहें
⚠️ Original Documents: Verification के समय सभी original documents साथ रखें
⚠️ Time Limit: कुछ राज्यों में इलाज शुरू होने के 3-6 महीने के अंदर apply करना होता है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A: गरीब परिवारों को गंभीर और जानलेवा बीमारियों के महंगे इलाज के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना ताकि पैसे की कमी से कोई मरीज इलाज से वंचित न रहे।
Q2: क्या निजी अस्पताल में इलाज के लिए भी सहायता मिलती है?
A: हां, लेकिन केवल सरकार द्वारा empanelled/approved निजी अस्पतालों में। पूरी list official website पर उपलब्ध है।
Q3: सहायता राशि कितने दिन में मिल जाती है?
A: Application approve होने के बाद 15-30 दिन में DBT के माध्यम से bank account में transfer हो जाती है। Emergency cases में priority दी जाती है।
Q4: क्या एक ही बीमारी के लिए बार-बार सहायता मिल सकती है?
A: यह राज्य की policy पर निर्भर करता है। ज्यादातर राज्यों में जीवनकाल में एक बार, लेकिन कुछ में recurring illness के लिए फिर से apply कर सकते हैं।
Q5: अगर मरीज की मृत्यु हो जाए तो क्या होगा?
A: अगर treatment चल रहा था और bills बने हैं तो परिवार को खर्च की प्रतिपूर्ति मिल सकती है। Death certificate और bills submit करने होंगे।
Q6: Application reject होने के मुख्य कारण क्या हैं?
A: Incomplete documents, गलत जानकारी, eligibility criteria पूरी न होना, non-government hospital से certificate, या पहले से किसी scheme का benefit ले रहे हों।
Q7: क्या इस योजना के साथ Ayushman Bharat का भी लाभ ले सकते हैं?
A: नहीं, एक समय में केवल एक ही सरकारी health scheme का लाभ मिल सकता है। जो भी ज्यादा फायदेमंद हो वो चुन सकते हैं।
Q8: Helpline number कहां मिलेगा?
A: अपने राज्य के स्वास्थ्य विभाग की official website पर या जिला अस्पताल में पूछें। हर राज्य का अलग toll-free number है।
जरूरी संपर्क: अपने जिले के Chief Medical Officer (CMO), District Hospital या नजदीकी सरकारी अस्पताल से तुरंत संपर्क करें। देर करना जानलेवा हो सकता है।



