दोस्तों, आज मैं आपको एक ऐसी योजना के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसने मेरी फसल और मेरे परिवार को बर्बादी से बचाया। जी हाँ, मैं बात कर रहा हूँ PM Fasal Bima Yojana की। पिछले साल जब मेरे खेत में अचानक ओले गिरे, तो मैं सोच रहा था कि अब सब खत्म हो गया। पूरे साल की मेहनत बर्बाद। लेकिन फिर मुझे याद आया कि मैंने इस योजना में रजिस्ट्रेशन करा रखा था। और सच कहूँ तो उस समय मुझे इस योजना की असली अहमियत समझ आई।

PM Fasal Bima Yojana क्या है?
साल 2016 में प्रधानमंत्री जी ने किसानों के लिए एक अनोखी योजना शुरू की। PM Fasal Bima Yojana Online Apply India की प्रक्रिया बेहद आसान है और यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाती है। मैं अपने गाँव का रहने वाला हूँ और खेती ही मेरी आजीविका का मुख्य साधन है।
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इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि अगर किसी कारण से फसल बर्बाद हो जाए – चाहे बाढ़ आए, सूखा पड़े, ओले गिरें या कीड़े लग जाएँ – तो किसान को आर्थिक सहायता मिले। यह योजना किसान और सरकार के बीच एक भरोसे का रिश्ता है।
योजना की खासियत
मुझे याद है जब मेरे पिताजी खेती करते थे, तो एक बार बाढ़ आई थी। पूरी फसल डूब गई और हमारे पास कोई सहारा नहीं था। उन्हें साहूकार से कर्ज लेना पड़ा था। लेकिन अब PM Fasal Bima Yojana की वजह से किसानों को ऐसी मुसीबतों का सामना नहीं करना पड़ता।
इस योजना में सबसे अच्छी बात यह है कि प्रीमियम की राशि बहुत कम है। खरीफ फसल के लिए सिर्फ 2% और रबी फसल के लिए 1.5% प्रीमियम देना होता है। बाकी का प्रीमियम सरकार भरती है। मेरे 2 एकड़ खेत के लिए मैं सालाना केवल 1,200 रुपये देता हूँ, लेकिन बीमा कवर 80,000 रुपये का है।
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PM Fasal Bima Yojana के लिए कौन पात्र है?
अब बात करते हैं कि इस योजना का लाभ कौन-कौन उठा सकता है। मैं आपको बता दूँ कि यह योजना लगभग सभी किसानों के लिए है, चाहे वे छोटे हों या बड़े।
मुख्य पात्रता शर्तें
भारतीय किसान: आप भारत के नागरिक होने चाहिए और खेती करते हों। यह तो बुनियादी शर्त है।
खेत का मालिक या किराएदार: अगर आपका अपना खेत है तो बहुत अच्छी बात है। लेकिन अगर आप किसी और के खेत पर बटाई या पट्टे पर खेती करते हैं, तब भी आप इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। मेरे चाचा किराए के खेत पर खेती करते हैं और उन्होंने भी बीमा करा रखा है।
खाता और दस्तावेज: आपके पास बैंक खाता, आधार कार्ड, और खेत के कागजात होने चाहिए। अगर किराए पर खेती कर रहे हैं तो जमीन मालिक से एक एग्रीमेंट की जरूरत होगी।
फसल की जानकारी: आपको बताना होगा कि किस खेत में कौन सी फसल बोई है और कितने क्षेत्र में। मैं हर बार धान और गेहूँ की फसल का बीमा कराता हूँ।
कौन सी फसलें कवर होती हैं?
यह सवाल बहुत महत्वपूर्ण है। PM Fasal Bima Yojana Online Apply India में लगभग सभी खाद्य फसलें, तिलहन और बागवानी फसलें शामिल हैं।
धान, गेहूँ, ज्वार, बाजरा, मक्का जैसी खाद्य फसलें तो हैं ही। साथ ही सरसों, सोयाबीन, मूंगफली जैसी तिलहन फसलें भी कवर होती हैं। दालें जैसे चना, अरहर, मूंग, उड़द – ये सब भी शामिल हैं।
मेरे पड़ोसी राजू ने पिछले साल टमाटर की फसल का बीमा कराया था। अचानक बारिश हुई और फसल खराब हो गई। उसे पूरा मुआवजा मिल गया। अब वह हर मौसम में बीमा जरूर कराता है।
विशेष श्रेणियाँ
छोटे और सीमांत किसानों को इस योजना में प्राथमिकता दी गई है। अगर आपके पास 2 हेक्टेयर से कम जमीन है, तो आप छोटे किसान की श्रेणी में आते हैं।
महिला किसानों के लिए भी विशेष प्रावधान हैं। मेरी बहन के पास 1 एकड़ जमीन है और वह स्वतंत्र रूप से खेती करती है। उसने भी इस योजना का लाभ उठाया है।
बटाईदार और काश्तकार किसान भी पात्र हैं। यह बहुत बड़ी बात है क्योंकि पहले ऐसी योजनाएँ सिर्फ जमीन मालिकों के लिए होती थीं।
PM Fasal Bima Yojana Online Apply कैसे करें?
अब आता है सबसे जरूरी सवाल – आवेदन कैसे करें? मैं आपको दो तरीके बताऊँगा। एक है ऑनलाइन और दूसरा है ऑफलाइन। मैंने खुद दोनों तरीकों से आवेदन किया है, तो मुझे अच्छे से पता है।
Online आवेदन की पूरी प्रक्रिया
मैंने पहली बार 2020 में ऑनलाइन आवेदन किया था। शुरू में थोड़ा घबराहट हुई, लेकिन फिर सब आसान लगने लगा।
पहला कदम – Website खोलें: अपने मोबाइल या कंप्यूटर में इंटरनेट चालू करें। Google में टाइप करें “pmfby.gov.in” और वेबसाइट खोलें। यह सरकार की आधिकारिक वेबसाइट है जहाँ PM Fasal Bima Yojana Online Apply India की पूरी सुविधा मिलती है।
दूसरा कदम – Registration करें: अगर पहली बार आवेदन कर रहे हैं तो “Farmer Application” पर क्लिक करें। फिर “Guest Farmer” विकल्प चुनें। आपको अपना नाम, मोबाइल नंबर, और राज्य का चयन करना होगा। मैंने अपना नंबर डाला और तुरंत एक OTP आया। वह OTP डालते ही मेरा रजिस्ट्रेशन हो गया।
तीसरा कदम – Login करें: अब अपने मोबाइल नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें। आपके सामने एक फॉर्म आएगा।
चौथा कदम – व्यक्तिगत जानकारी भरें: फॉर्म में अपना पूरा नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, लिंग, और श्रेणी (सामान्य, OBC, SC, ST) भरें। फिर अपना पूरा पता डालें – गाँव, पंचायत, तहसील, जिला, पिन कोड। मैंने सब कुछ ध्यान से भरा क्योंकि गलत जानकारी देने पर बाद में परेशानी हो सकती है।
पाँचवाँ कदम – बैंक विवरण: अपने बैंक खाते की जानकारी दें। खाता संख्या, IFSC कोड, बैंक का नाम और ब्रांच। मुआवजा सीधे इसी खाते में आएगा। मैंने अपनी पासबुक देखकर सभी जानकारी भरी।
छठा कदम – खेत और फसल का विवरण: यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। खेत का खाता/खसरा नंबर डालें। फिर बताएँ कि कितने क्षेत्र में खेती कर रहे हैं। मेरे पास 2 एकड़ है तो मैंने वही लिखा। फिर फसल का नाम चुनें – धान, गेहूँ, या जो भी बोई हो। बुवाई की तारीख भी डालनी होती है।
सातवाँ कदम – Documents अपलोड करें: आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खेत के कागजात (खतौनी या जमाबंदी), और एक पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें। सभी दस्तावेज PDF या JPG फॉर्मेट में होने चाहिए और 2 MB से कम साइज के। मैंने अपने मोबाइल से ही फोटो खींचकर अपलोड कर दिए।
आठवाँ कदम – Premium का भुगतान: सब कुछ भरने के बाद प्रीमियम की राशि दिखाई देगी। खरीफ फसल के लिए 2% और रबी फसल के लिए 1.5%। आप Net Banking, Debit Card, UPI या Wallet से भुगतान कर सकते हैं। मैंने UPI से पेमेंट किया – बहुत आसान था।
नौवाँ कदम – Submit करें: सब कुछ चेक करने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें। आपको एक Application Number मिलेगा। इसका स्क्रीनशॉट ले लें या लिख लें। यही नंबर काम आएगा जब आप अपने आवेदन की स्थिति देखना चाहेंगे।
मुझे याद है जब मैंने पहली बार फॉर्म सबमिट किया था, तो मेरे मोबाइल पर एक SMS आया – “आपका आवेदन सफलतापूर्वक जमा हो गया है”। उस दिन मुझे बहुत राहत मिली।
Offline आवेदन का तरीका
अगर आपको ऑनलाइन आवेदन करने में दिक्कत है, तो घबराएँ नहीं। मेरे पिताजी को कंप्यूटर नहीं आता, तो उन्होंने ऑफलाइन तरीका अपनाया।
नजदीकी बैंक या CSC जाएँ: जिस बैंक में आपका खाता है, वहाँ जाएँ। या फिर अपने गाँव के कॉमन सर्विस सेंटर जाएँ। वहाँ PM Fasal Bima Yojana का फॉर्म मुफ्त में मिल जाएगा।
फॉर्म भरें: फॉर्म को ध्यान से पढ़ें और साफ-साफ अक्षरों में भरें। काले या नीले पेन का इस्तेमाल करें। कोई गलती न हो इसलिए पहले पेंसिल से भर सकते हैं। मेरे पिताजी ने सभी जानकारी मेरी मदद से भरी थी।
दस्तावेज संलग्न करें: आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खेत के कागजात की फोटोकॉपी फॉर्म के साथ लगाएँ। मूल दस्तावेज भी साथ ले जाएँ क्योंकि अधिकारी देखना चाहेंगे।
प्रीमियम जमा करें: बैंक में नकद या चेक से प्रीमियम जमा करें। रसीद जरूर लें और संभालकर रखें।
रसीद प्राप्त करें: फॉर्म जमा करने के बाद एक रसीद मिलेगी जिसमें आवेदन संख्या होगी। यह बहुत जरूरी है।
मेरे पिताजी ने जब फॉर्म बैंक में जमा किया, तो अधिकारी ने 10 मिनट में सब प्रोसेस कर दिया। उन्हें बताया गया कि 15 दिन में बीमा सक्रिय हो जाएगा।
आवेदन के बाद क्या होता है?
आवेदन जमा करने के बाद आपको 7 से 15 दिन का समय लगता है। इस दौरान आपके दस्तावेजों की जाँच होती है। अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि सभी जानकारी सही है।
अगर सब कुछ ठीक रहा, तो आपको SMS और ईमेल के जरिए सूचना मिलती है कि आपका बीमा सक्रिय हो गया है। आपको एक Policy Number भी मिलता है।
मेरा बीमा 12 दिन में सक्रिय हुआ था। जब मुझे SMS मिला, तो मैं बहुत खुश हुआ। अब मुझे पता था कि मेरी फसल सुरक्षित है।
आवेदन की स्थिति कैसे जाँचें?
कभी-कभी आप जानना चाहते हैं कि आपका आवेदन किस स्तर पर है। इसके लिए pmfby.gov.in पर जाएँ और “Application Status” पर क्लिक करें। अपना Application Number डालें और स्थिति देख सकते हैं।
मैं हर 2-3 दिन में स्टेटस चेक करता था जब तक मेरा बीमा सक्रिय नहीं हो गया।
PM Fasal Bima Yojana के फायदे
अब मैं आपको बताता हूँ कि इस योजना से किसानों को क्या-क्या लाभ मिल रहे हैं। मैंने खुद इसके फायदे देखे हैं और मेरे कई साथी किसानों ने भी।
आर्थिक सुरक्षा
सबसे बड़ा फायदा है मानसिक शांति। जब आप जानते हैं कि आपकी फसल बीमित है, तो आप बेफिक्र होकर खेती कर सकते हैं। पहले बारिश या आँधी आने पर मेरा दिल धड़कने लगता था। अब मुझे चिंता नहीं होती।
कम प्रीमियम: खरीफ में 2%, रबी में 1.5%, और बागवानी फसलों में 5% प्रीमियम। बाकी का बोझ सरकार उठाती है। मेरे 2 एकड़ खेत के लिए मैं साल में कुल 1,500 रुपये देता हूँ।
पूरा मुआवजा: अगर फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाए, तो बीमा राशि का 100% मिलता है। आंशिक नुकसान पर भी उसी अनुपात में मुआवजा मिलता है।
तुरंत भुगतान: नुकसान की सूचना देने के 15 से 30 दिन के भीतर मुआवजा खाते में आ जाता है। मुझे पिछले साल ओलावृष्टि में 35,000 रुपये 22 दिन में मिल गए थे।
कौन-कौन से नुकसान कवर होते हैं?
यह जानना बहुत जरूरी है कि किस तरह के नुकसान पर मुआवजा मिलता है।
प्राकृतिक आपदाएँ: बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, भूस्खलन, चक्रवात, तूफान – ये सब कवर होते हैं। पिछले साल मेरे गाँव में बाढ़ आई थी और कई किसानों को मुआवजा मिला।
कीट और बीमारियाँ: अगर फसल में कीड़े लग जाएँ या कोई बीमारी फैल जाए, तो उस पर भी क्लेम मिलता है। मेरे पड़ोसी की धान की फसल में झुलसा रोग लग गया था, उसे पूरा मुआवजा मिल गया।
बुवाई में रुकावट: अगर मौसम खराब होने से बुवाई ही नहीं हो पाई, तो उस पर भी मुआवजा मिलता है। यह बहुत अच्छी बात है।
कटाई के बाद नुकसान: फसल काटने के बाद अगर 14 दिन के भीतर बारिश या आँधी से नुकसान हो, तो वह भी कवर होता है।
स्थानीय आपदाएँ: ओलावृष्ति, भूस्खलन जैसी स्थानीय समस्याओं पर भी व्यक्तिगत मुआवजा मिलता है।
अतिरिक्त लाभ
किसान क्रेडिट कार्ड: अगर आपने फसल बीमा करा रखा है, तो किसान क्रेडिट कार्ड लेना आसान हो जाता है। मुझे KCC इसी वजह से जल्दी मिल गया था।
कर्ज में राहत: अगर फसल बर्बाद हो गई और आपने बैंक से कर्ज लिया है, तो बीमा की राशि से कर्ज चुकाया जा सकता है।
सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता: बीमित किसानों को अन्य सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता मिलती है।
क्लेम कैसे करें?
अब मैं आपको बताता हूँ कि नुकसान होने पर क्लेम कैसे करें। यह प्रक्रिया बहुत सरल है।
72 घंटे के भीतर सूचना दें: जैसे ही आपकी फसल को नुकसान हो, तुरंत सूचना दें। आप तीन तरीकों से सूचना दे सकते हैं:
- Toll Free Number 18001801551 पर कॉल करें
- Pmfby.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
- CSC या बैंक में जाकर सूचना दें
मैंने जब ओले गिरे थे, तो मैंने तुरंत टोल फ्री नंबर पर कॉल किया। ऑपरेटर ने मेरी शिकायत दर्ज कर ली और मुझे एक Complaint Number दिया।
निरीक्षण: सूचना देने के 2-3 दिन में सरकारी अधिकारी आपके खेत का निरीक्षण करने आएँगे। वे फोटो खींचेंगे और नुकसान का आकलन करेंगे। मेरे खेत में अधिकारी आए थे और उन्होंने पूरी फसल को देखा।
रिपोर्ट: निरीक्षण के आधार पर एक रिपोर्ट बनाई जाती है जिसमें नुकसान का प्रतिशत लिखा होता है। मेरी फसल को 65% नुकसान हुआ था।
मुआवजा: रिपोर्ट के अनुसार मुआवजा की राशि तय होती है और 15 से 30 दिन में सीधे आपके बैंक खाते में आ जाती है।
मुझे 35,000 रुपये का मुआवजा मिला था जिससे मैंने अगली फसल की तैयारी की।
मेरा व्यक्तिगत अनुभव
मैं आपको अपनी कहानी बताना चाहता हूँ। 2023 में मार्च का महीना था। मेरी गेहूँ की फसल लगभग तैयार थी। बस 10-15 दिन बाकी थे कटाई में। अचानक एक रात भयंकर ओलावृष्टि हुई। सुबह जब मैं खेत देखने गया तो मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। पूरी फसल जमीन पर गिरी हुई थी।
मुझे लगा कि अब सब खत्म हो गया। पूरे साल की मेहनत और 40,000 रुपये का खर्चा बर्बाद। मेरी पत्नी रो रही थी और बच्चों की पढ़ाई की चिंता सता रही थी। लेकिन फिर मुझे याद आया कि मैंने PM Fasal Bima Yojana Online Apply India की प्रक्रिया से बीमा करा रखा था।
मैंने तुरंत टोल फ्री नंबर पर कॉल किया और शिकायत दर्ज कराई। 3 दिन बाद सरकारी अधिकारी आए और मेरे खेत का निरीक्षण किया। उन्होंने फोटो खींची और रिपोर्ट बनाई।
20 दिन बाद मेरे खाते में 35,000 रुपये आ गए। उस दिन मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन पैसों से मैंने कर्ज चुकाया और अगली फसल की तैयारी शुरू कर दी।
आज मैं हर किसान से कहता हूँ कि फसल बीमा जरूर कराओ। यह हमारी सुरक्षा का कवच है।
महत्वपूर्ण बातें जो याद रखनी चाहिए
समय सीमा: हर फसल के लिए बीमा कराने की एक निश्चित तारीख होती है। खरीफ के लिए अप्रैल से जुलाई और रबी के लिए अक्टूबर से दिसंबर। समय पर आवेदन करें।
सही जानकारी: फॉर्म में सभी जानकारी बिल्कुल सही भरें। गलत जानकारी देने पर बीमा रद्द हो सकता है और क्लेम नहीं मिलेगा।
दस्तावेज संभालें: बीमा पॉलिसी, रसीदें, और सभी कागजात सुरक्षित रखें। क्लेम के समय ये काम आते हैं।
72 घंटे का नियम: नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य है। देर करने पर क्लेम नहीं मिलेगा।
हेल्पलाइन नंबर: टोल फ्री नंबर 18001801551 को अपने मोबाइल में सेव करके रखें। किसी भी समस्या के लिए यहाँ संपर्क कर सकते हैं।
निष्कर्ष
दोस्तों, PM Fasal Bima Yojana Online Apply India की प्रक्रिया सरल है और यह योजना किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। म




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