PM Kusum Yojana Rajasthan: राजस्थान के किसानों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक शानदार योजना चल रही है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत अब किसानों को सोलर पंप लगाने पर 90% तक की सब्सिडी मिल रही है। महंगे डीजल और बिजली के बिलों से परेशान किसानों के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है। सोलर पंप लगाने से न सिर्फ खेती की लागत कम होगी बल्कि किसान अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी कर सकते हैं। राजस्थान में इस योजना को बड़े पैमाने पर लागू किया जा रहा है और हजारों किसान इसका फायदा उठा रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि PM Kusum Yojana Rajasthan में कैसे आवेदन करें और क्या-क्या लाभ मिलेंगे।
PM Kusum Yojana Rajasthan क्या है
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना केंद्र सरकार द्वारा किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है। राजस्थान में यह योजना राज्य के ऊर्जा विभाग और कृषि विभाग के सहयोग से चलाई जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को तीन तरह की सुविधाएं मिलती हैं – सोलर पंप लगाना, पुराने डीजल/बिजली पंप को सोलर में बदलना, और खेत में सोलर प्लांट लगाकर बिजली बेचना। सबसे बड़ी बात यह है कि किसानों को केवल 10% रकम देनी होती है, बाकी 60% सरकार देती है और 30% बैंक लोन के रूप में मिलता है।
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PM Kusum Yojana के तीन Components
Component A: इसमें किसान अपनी बंजर जमीन पर 0.5 MW से 2 MW तक का सोलर पावर प्लांट लगा सकते हैं और बिजली कंपनी को बेचकर 25 साल तक कमाई कर सकते हैं।
Component B: इसमें किसानों को खेत में standalone solar pump लगाने के लिए 90% तक की सब्सिडी मिलती है। 2HP से 10HP तक के सोलर पंप लगाए जा सकते हैं।
Component C: इसमें मौजूदा ग्रिड कनेक्टेड बिजली या डीजल पंप को solar pump में convert किया जाता है। इसमें भी 60% सब्सिडी मिलती है।
राजस्थान में कुसुम योजना के फायदे
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसानों की खेती की लागत 50-60% तक कम हो जाती है। डीजल और बिजली के बढ़ते बिलों से मुक्ति मिलती है। 25 साल की warranty के साथ सोलर पंप मिलता है जिससे लंबे समय तक फायदा होता है। राजस्थान जैसे राज्य में जहां धूप की कमी नहीं है, वहां solar energy का बेहतरीन इस्तेमाल हो सकता है। किसान अतिरिक्त बिजली बेचकर हर महीने 6000 से 8000 रुपये तक की extra income कर सकते हैं। पर्यावरण के लिए भी यह योजना फायदेमंद है क्योंकि डीजल का इस्तेमाल कम होता है।
PM Kusum Yojana Rajasthan के लिए पात्रता
- आवेदक राजस्थान का स्थायी निवासी किसान होना चाहिए
- आवेदक के पास खुद की कृषि योग्य जमीन होनी चाहिए
- जमीन के दस्तावेज और खसरा-खतौनी की नकल होनी जरूरी है
- बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है
- किसान के पास बिजली कनेक्शन या डीजल पंप होना चाहिए (Component C के लिए)
- छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाती है
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड (बैंक से लिंक)
- खसरा-खतौनी की नकल
- जमीन के स्वामित्व के कागजात
- बैंक खाते की पासबुक
- बिजली बिल या पंप कनेक्शन की कॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
PM Kusum Yojana Rajasthan में ऑनलाइन आवेदन
सबसे पहले राजस्थान सरकार के ऊर्जा विभाग की official website पर जाएं। होम पेज पर ‘PM Kusum Yojana’ या ‘Solar Pump Scheme’ का option दिखेगा, उस पर क्लिक करें। अब ‘Apply Online’ बटन पर क्लिक करके registration form खोलें। अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जमीन का विवरण और बैंक details सही-सही भरें। किस component के लिए apply कर रहे हैं वह select करें। मांगे गए सभी documents की scan copy upload करें। पूरे form को ध्यान से check करने के बाद ‘Submit’ button पर क्लिक करें। आपको एक Application Number मिलेगा जिसे save करके रखें। इस नंबर से आप अपने application की status online track कर सकते हैं। आवेदन approve होने के बाद आपको SMS और Email से सूचना मिल जाएगी।
सोलर पंप की कीमत और सब्सिडी
राजस्थान में 3HP सोलर पंप की कुल लागत लगभग 1.80 लाख रुपये होती है, जिसमें से किसान को केवल 18,000 रुपये (10%) देने होते हैं। 5HP सोलर पंप की कुल कीमत 2.50 लाख रुपये है जिसमें किसान का योगदान 25,000 रुपये होता है। 7.5HP पंप के लिए कुल खर्च 3.50 लाख रुपये है और किसान को 35,000 रुपये देने होते हैं। बाकी की राशि में 60% केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देती है और 30% बैंक लोन के रूप में मिलता है जिसे आसान किस्तों में चुकाया जा सकता है।
आवेदन के बाद क्या होता है
Application submit होने के बाद विभाग द्वारा verification किया जाता है। फिर technical team आपकी जमीन का site inspection करती है। सब कुछ सही पाए जाने पर 15-30 दिन में approval मिल जाता है। Approval के बाद empaneled vendor द्वारा solar pump की installation की जाती है। Installation पूरी होने के बाद final inspection होता है और फिर सब्सिडी की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में transfer कर दी जाती है।



