PM Fasal Bima Yojana 2026:प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में मिलेगा पूरा मुआवजा, ऐसे करें आवेदन

PM Fasal Bima Yojana 2026: देश के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान पर तुरंत मुआवजा मिलेगा। बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि या कीट-रोग से फसल बर्बाद होने पर सरकार पूरा क्लेम देगी। महंगाई के इस दौर में जब खेती का खर्च आसमान छू रहा है, यह योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच बन गई है। सिर्फ 2% प्रीमियम देकर खरीफ फसलों का बीमा कराया जा सकता है। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ कैसे उठाएं।

फसल बीमा योजना में क्या-क्या कवर होता है

इस योजना के तहत सभी प्राकृतिक आपदाएं जैसे बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, चक्रवात, आग और कीट-रोग से होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है। बुवाई से लेकर कटाई तक की पूरी अवधि सुरक्षित रहती है। यहां तक कि कटाई के बाद खेत में सूख रही फसल को भी 14 दिनों तक कवरेज मिलती है। स्थानीय आपदा जैसे ओलावृष्टि और भूस्खलन से व्यक्तिगत नुकसान का भी दावा किया जा सकता है।

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प्रीमियम राशि और किसान का योगदान

किसानों के लिए यह योजना बेहद किफायती बनाई गई है। खरीफ फसलों के लिए सिर्फ 2% प्रीमियम, रबी फसलों के लिए 1.5% प्रीमियम और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम देना होता है। बाकी का पूरा प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर चुकाती है। मतलब अगर आपकी फसल का बीमित मूल्य 50,000 रुपये है, तो आपको खरीफ में सिर्फ 1,000 रुपये देने होंगे।

योजना के लिए पात्रता और दस्तावेज

  • भारत का कोई भी किसान (मालिक या किराएदार) आवेदन कर सकता है
  • खेत के कागजात – खसरा-खतौनी या लीज एग्रीमेंट
  • आधार कार्ड और बैंक खाते की पासबुक
  • बुवाई प्रमाण पत्र (पटवारी या ग्राम पंचायत से)
  • राशन कार्ड या पहचान पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर

ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया

  1. सबसे पहले PM Fasal Bima Yojana की ऑफिशियल वेबसाइट pmfby.gov.in पर जाएं।
  2. होम पेज पर ‘Farmer Corner’ में ‘Apply for Crop Insurance’ पर क्लिक करें।
  3. अब अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालकर OTP से वेरिफाई करें।
  4. इसके बाद फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, खेत का विवरण और फसल का नाम भरें।
  5. अब बैंक खाता विवरण और सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
  6. अपनी फसल के अनुसार बीमा राशि चुनें और प्रीमियम कैलकुलेट करें।
  7. अंत में ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें और आवेदन संख्या नोट कर लें।

क्लेम कैसे और कब मिलेगा

फसल का नुकसान होने पर 72 घंटे के अंदर टोल-फ्री नंबर या मोबाइल ऐप पर सूचना देनी जरूरी है। सरकारी अधिकारी खेत का निरीक्षण करेंगे और Crop Cutting Experiment (CCE) के आधार पर नुकसान का आकलन होगा। दावा स्वीकृत होने के बाद 15-30 दिन में राशि सीधे बैंक खाते में आ जाती है। ध्यान रहे कि नुकसान की रिपोर्ट जल्द से जल्द करें वरना क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।

खास बातें जो ध्यान रखें

योजना का लाभ लेने के लिए बुवाई के 10 दिन के अंदर बीमा कराना जरूरी है। देरी होने पर आवेदन नहीं लिया जाएगा। यह स्कीम वॉलंटरी है यानी किसान की मर्जी है कि बीमा कराए या नहीं। लेकिन KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन लेने वालों के लिए यह अनिवार्य है। किसी बिचौलिए को पैसे न दें, पूरी प्रक्रिया फ्री है। अधिक जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर कॉल करें।


नोट: यह केंद्र सरकार की योजना है जो सभी राज्यों में लागू है। समय पर बीमा कराएं और अपनी मेहनत को सुरक्षित रखें।

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