पिछले हफ्ते मैं अपने गाँव गया था। वहाँ खेतों को देखकर मन में एक अजीब सी पीड़ा हुई। वही खेत जहाँ बचपन में हरियाली लहराती थी, आज सूखे और बेजान से लग रहे थे। पानी का स्तर गिर गया है, मिट्टी की ताकत खत्म हो गई है और रासायनिक खादों ने जमीन को बंजर बना दिया है। दादाजी कहते हैं कि पहले जितनी खाद डालते थे उससे दोगुनी फसल होती थी, आज दोगुनी खाद डालने पर भी आधी फसल मुश्किल से होती है।
लेकिन दोस्तों, अभी भी उम्मीद बाकी है। सरकार ने समझ लिया है कि अगर हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए खेती बचानी है तो टिकाऊ खेती की तरफ बढ़ना होगा। इसी सोच के साथ sustainable farming scheme 2026 india लाई गई है जो न सिर्फ धरती को बचाएगी बल्कि किसानों की आमदनी भी बढ़ाएगी।
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Sustainable Farming Scheme क्या है?
sustainable farming scheme 2026 india एक ऐसी सरकारी योजना है जिसका मकसद है खेती को प्रकृति के अनुकूल बनाना। सीधे शब्दों में कहें तो ये योजना किसानों को ऐसी खेती करने के लिए प्रोत्साहित करती है जिसमें रासायनिक खाद और कीटनाशकों का कम से कम इस्तेमाल हो, जमीन की उर्वरता बनी रहे और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने इस योजना को कई राज्यों में pilot project के रूप में शुरू किया था। अब 2026 में इसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है। मुझे याद है जब पहली बार मैंने इसके बारे में सुना तो सोचा कि क्या ये सच में काम करेगा? लेकिन जब मेरे मामाजी ने इसे अपनाया और उनकी फसल पहले से बेहतर हुई तो यकीन हो गया।
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Scheme के मुख्य उद्देश्य
मिट्टी की सेहत सुधारना: रासायनिक खादों से मिट्टी में जो जहर घुल गया है, उसे साफ करना और प्राकृतिक तरीकों से उर्वरता बढ़ाना।
पानी का सही इस्तेमाल: बूंद-बूंद सिंचाई जैसी तकनीकें अपनाकर पानी की बचत करना।
जैविक खेती को बढ़ावा: रासायनिक कीटनाशकों की जगह प्राकृतिक तरीकों से कीड़ों पर काबू पाना।
किसानों की आय बढ़ाना: organic उत्पाद बाजार में महंगे बिकते हैं, इससे किसानों को ज्यादा मुनाफा होता है।
जलवायु परिवर्तन से लड़ना: sustainable farming से carbon footprint कम होता है।
योजना के तहत मिलने वाली सहायता
sustainable farming scheme 2026 india में किसानों को कई तरह की मदद दी जाती है:
Financial Support: जैविक खेती शुरू करने के लिए शुरुआती खर्च सरकार उठाती है। प्रति एकड़ 15,000 रुपये तक का अनुदान मिलता है। ये राशि 3 साल तक हर साल दी जाती है।
Drip Irrigation Subsidy: बूंद-बूंद सिंचाई प्रणाली लगाने पर 70% तक की छूट मिलती है। छोटे किसानों के लिए ये 90% तक हो सकती है।
Vermicompost Unit: केंचुआ खाद बनाने की इकाई लगाने के लिए 50,000 रुपये तक का अनुदान दिया जाता है।
Bio Fertilizer: जैविक खाद खरीदने पर 50% की छूट मिलती है।
Solar Pump: सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप लगाने पर 60% तक की सब्सिडी दी जाती है।
Training और Certification: जैविक खेती का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है और organic certification के लिए भी मदद मिलती है।
मेरे चाचा ने इस योजना के तहत drip irrigation लगवाया। उन्होंने बताया कि पहले 10 एकड़ में पानी देने में 8 घंटे लगते थे, अब सिर्फ 3 घंटे में काम हो जाता है और पानी की खपत भी आधी हो गई है।
Sustainable Farming के फायदे
जब मैं अपने गाँव के किसानों से बात करता हूँ जिन्होंने sustainable farming scheme 2026 india को अपनाया है, तो उनके चेहरे पर एक अलग ही संतोष दिखता है:
लागत में कमी: रासायनिक खाद और कीटनाशक बहुत महंगे होते हैं। जैविक खेती में ये खर्च लगभग 40% तक कम हो जाता है। शुरुआत में थोड़ी मेहनत ज्यादा लगती है लेकिन धीरे-धीरे सब आसान हो जाता है।
बेहतर कीमत: organic products की demand बाजार में बहुत है। शहरों में लोग जैविक सब्जियों और अनाज के लिए 30-50% ज्यादा दाम देने को तैयार रहते हैं। कई export के अवसर भी मिलते हैं।
स्वास्थ्य लाभ: रासायनिक खेती से न सिर्फ जमीन बल्कि किसान की सेहत भी खराब होती है। कई किसान कीटनाशकों के संपर्क में आने से बीमार पड़ते हैं। sustainable farming में ये खतरा नहीं है।
मिट्टी की गुणवत्ता: 2-3 साल लगातार जैविक खेती करने से जमीन फिर से उपजाऊ हो जाती है। मिट्टी में केंचुए और अच्छे जीवाणु वापस आ जाते हैं।
पानी की बचत: आधुनिक सिंचाई तकनीकों से 50-60% तक पानी बचाया जा सकता है। ये बहुत जरूरी है क्योंकि भूजल का स्तर लगातार गिर रहा है।
पर्यावरण संरक्षण: sustainable farming से हवा, पानी और मिट्टी – सब साफ रहते हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए हम एक स्वस्थ धरती छोड़ पाएंगे।
मेरी बुआ के गाँव में एक किसान है सुरेश। उसने 5 साल पहले जैविक खेती शुरू की थी। पहले साल तो उपज थोड़ी कम हुई लेकिन तीसरे साल से उसकी फसल न सिर्फ ज्यादा हुई बल्कि बाजार में दोगुनी कीमत पर बिकी। अब तो उसके गाँव के 20 और किसान उसे देखकर प्रेरित हो गए हैं।
पात्रता: कौन आवेदन कर सकता है?
sustainable farming scheme 2026 india के लिए ये शर्तें हैं:
सभी किसान: छोटे, सीमांत, बड़े – सभी तरह के किसान आवेदन कर सकते हैं। जमीन अपनी हो या किराये पर लेकर खेती करते हों, दोनों मान्य है।
भूमि स्वामित्व: अपनी जमीन के कागजात होने चाहिए। अगर किराये पर ली है तो मालिक से लिखित अनुमति चाहिए।
बैंक खाता: आधार से जुड़ा बैंक खाता होना जरूरी है।
कम से कम क्षेत्रफल: योजना का लाभ लेने के लिए कम से कम 0.5 एकड़ जमीन होनी चाहिए।
प्रशिक्षण लेना अनिवार्य: योजना में शामिल होने के लिए 5 दिन का बुनियादी प्रशिक्षण लेना होगा।
3 साल की प्रतिबद्धता: आपको कम से कम 3 साल तक sustainable farming practices follow करने का वचन देना होगा।
पहले से certified न हों: अगर आपकी जमीन पहले से ही organic certified है तो इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
आवेदन प्रक्रिया: Step by Step Guide
चलिए अब देखते हैं कि sustainable farming scheme 2026 india के लिए आवेदन कैसे करें:
पहला कदम: Registration Portal पर जाएं
राज्य सरकार की कृषि विभाग की website खोलें। हर राज्य में अलग-अलग portal हो सकता है। या फिर PM-KISAN portal से भी इस योजना में apply किया जा सकता है।
दूसरा कदम: Login Details बनाएं
अगर पहले से registered नहीं हैं तो ‘New Registration’ पर क्लिक करें। अपना मोबाइल नंबर, आधार नंबर और email address डालें। OTP से verify करें।
तीसरा कदम: Scheme Selection करें
Dashboard में कई योजनाओं की list दिखेगी। उसमें से “Sustainable Farming Scheme 2026” को select करें।
चौथा कदम: Personal Information भरें
अब form में ये जानकारी भरनी होगी:
- पूरा नाम
- पिता या पति का नाम
- जन्म तिथि
- लिंग
- वर्ग (General, SC, ST, OBC)
- पूरा पता
- मोबाइल और email
पाँचवाँ कदम: Land Details डालें
अपनी जमीन की पूरी जानकारी दें:
- खसरा नंबर
- खतौनी की प्रति
- कुल रकबा (एकड़ में)
- जमीन किस तरह की है (सिंचित या असिंचित)
- फिलहाल क्या उगाते हैं
छठा कदम: Banking Information
बैंक खाते की जानकारी देनी होगी:
- बैंक का नाम
- शाखा का नाम
- खाता संख्या
- IFSC Code
- खाते में नाम (आधार के अनुसार)
सातवाँ कदम: Documents Upload करें
जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करने होंगे:
- आधार कार्ड (front और back)
- जमीन के कागजात
- बैंक passbook की first page
- पासपोर्ट साइज फोटो
- अगर किराये पर है तो owner की consent letter
आठवाँ कदम: Farming Plan बताएं
एक छोटा सा plan लिखना होगा:
- किस फसल की खेती करेंगे
- किस season में
- कौन सी sustainable practices अपनाएंगे
- क्या-क्या खरीदने की योजना है (drip irrigation, vermicompost unit, आदि)
नौवाँ कदम: Declaration और Submit
एक घोषणा पत्र होगा जिस पर tick करना होगा कि सभी जानकारी सही है और आप 3 साल तक sustainable farming करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सब कुछ check करने के बाद ‘Submit’ button पर क्लिक करें।
दसवाँ कदम: Acknowledgement
Submit करने के बाद एक application number मिलेगा। इसे संभाल कर रखें। आपके mobile और email पर confirmation message आएगा।
ग्यारहवाँ कदम: Field Verification
15-20 दिनों में कृषि विभाग के अधिकारी आपके खेत का निरीक्षण करेंगे। वो मिट्टी की जांच करेंगे और आपसे बात करेंगे।
बारहवाँ कदम: Training Program
अगर सब कुछ ठीक पाया गया तो आपको 5 दिन के प्रशिक्षण के लिए बुलाया जाएगा। ये training नजदीकी Krishi Vigyan Kendra या कृषि विज्ञान केंद्र में होगी।
तेरहवाँ कदम: Approval और Fund Release
Training पूरी होने के बाद 30 दिनों में आपकी approval आ जाती है। पहली किस्त सीधे बैंक खाते में आ जाएगी।
मैंने अपने गाँव में 3-4 किसानों की application भरवाने में मदद की थी। पूरी प्रक्रिया में करीब 45-60 दिन लगे लेकिन सब कुछ बहुत व्यवस्थित था।
Training Program में क्या सिखाया जाता है?
sustainable farming scheme 2026 india का सबसे अच्छा हिस्सा है training program। इसमें practical knowledge दी जाती है:
Day 1 – Basics: sustainable farming क्या है, क्यों जरूरी है, कैसे शुरू करें। Soil testing के बारे में जानकारी।
Day 2 – Organic Inputs: जैविक खाद कैसे बनाएं – गोबर की खाद, vermicompost, green manure। Bio-pesticides के बारे में।
Day 3 – Water Management: कम पानी में ज्यादा पैदावार कैसे लें। Drip irrigation, sprinkler system, mulching techniques।
Day 4 – Crop Rotation और Inter-cropping: एक ही खेत में अलग-अलग मौसम में अलग फसलें कैसे उगाएं। Companion planting के फायदे।
Day 5 – Marketing और Certification: अपनी उपज को organic certified कैसे करवाएं। बाजार तक कैसे पहुंचाएं। Online selling के तरीके।
Training बिल्कुल मुफ्त है और इसमें खाने-पीने का भी इंतजाम रहता है। मेरे दोस्त के पिताजी ने बताया कि इन 5 दिनों में जितना सीखा उतना पिछले 30 साल में नहीं सीखे थे।
Common Mistakes से बचें
कई बार किसान कुछ गलतियां कर देते हैं:
गलती 1: एकदम से पूरी जमीन पर जैविक खेती शुरू कर देना। सही तरीका: पहले एक छोटे हिस्से में try करें, अनुभव लें, फिर बढ़ाएं।
गलती 2: धैर्य न रखना और 6 महीने में ही हार मान लेना। सही तरीका: Transition period में 2-3 साल लग सकते हैं। धीरज रखें।
गलती 3: पुराने तरीकों से चिपके रहना और नई तकनीक न अपनाना। सही तरीका: Training में जो सिखाया जाए उसे follow करें।
गलती 4: Record न रखना। सही तरीका: हर खर्च, हर काम का record रखें। ये certification के लिए जरूरी है।
गलती 5: अकेले काम करना। सही तरीका: अपने इलाके के और किसानों से जुड़ें, Farmer Producer Organization बनाएं।
Success Stories
मैं यहाँ कुछ सच्ची कहानियां बताना चाहूंगा:
रामकिशन भाई – उत्तर प्रदेश: 60 साल के रामकिशन जी ने sustainable farming scheme 2026 india अपनाई। पहले साल थोड़ी परेशानी हुई लेकिन अब उनकी टमाटर और मिर्च की फसल शहर के बड़े stores में बिकती है। वो कहते हैं, “पहले 100 रुपये की खाद डालकर 200 रुपये की फसल होती थी। अब 30 रुपये की लागत में 300 रुपये की फसल हो रही है।”
सुमित्रा देवी – राजस्थान: एक महिला किसान जिन्होंने अपनी 3 एकड़ जमीन पर जैविक गेहूं और सरसों उगाना शुरू किया। आज वो अपने उत्पाद online भी बेचती हैं और महीने में 40,000 रुपये तक कमा लेती हैं।
विनोद और साथी – महाराष्ट्र: 10 किसानों ने मिलकर एक Farmer Producer Organization बनाया। सबने मिलकर organic certification लिया और अब export भी करते हैं। उनके अंगूर विदेश तक जाते हैं।
ये कहानियां सुनकर मुझे लगता है कि अगर इरादा पक्का हो तो sustainable farming scheme 2026 india सच में जिंदगी बदल सकती है।
निष्कर्ष
sustainable farming scheme 2026 india सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है, ये एक आंदोलन है – धरती को बचाने का, खेती को फिर से जिंदा करने का और किसानों को समृद्ध बनाने का। हमारे पूर्वजों ने हजारों साल तक बिना रसायनों के खेती की और धरती को हरा-भरा रखा। हम भी वही कर सकते हैं, बस जरूरत है सही मार्गदर्शन और थोड़े धैर्य की।
अगर आप किसान हैं तो आज ही इस योजना के लिए आवेदन करें। शुरुआत में थोड़ी मुश्किल लग सकती है लेकिन याद रखिए, हर अच्छी चीज के लिए मेहनत करनी पड़ती है। आपकी मेहनत न सिर्फ आपको बल्कि पूरे समाज को, पूरी धरती को फायदा पहुंचाएगी।
तो देर किस बात की? आज ही अपने नजदीकी कृषि कार्यालय में जाइए या online apply कीजिए। sustainable farming scheme 2026 india आपका और आपकी जमीन का भविष्य संवार सकती है। खेती करना सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं, ये धरती की सेवा है। और जब हम सेवा भाव से काम करते हैं तो सफलता खुद हमारे पास आती है। शुभकामनाएं!




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